स्थानीय लोग बोले, सुबह-शाम टहलने में भी लगता है डर
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। क्षेत्र में भवन निर्माण सामग्री से भरे ओवरलोड वाहनों पर लगाम नहीं लग पा रही है। हालात ये हैं कि पूरी रात शहर के मुख्य मार्गों पर ऐसे वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। तेज गति से दौड़ते ये भारी वाहन न केवल यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। रात ही नहीं बल्कि दिन में भी भीड़भाड़ क्षेत्र से गुजरते वाहन किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार रात के समय इन वाहनों की आवाजाही इतनी अधिक होती है कि सुबह टहलने निकालने वाले लोग भी डर के कारण सुबह की सैर करने से कतराने लगे हैं। कई बार ये वाहन बिना किसी नियंत्रण के तेज रफ्तार में गुजरते हैं, जिससे हादसे का खतरा लगातार बना रहता है। लोगों का कहना है कि अधिकतर ओवरलोड वाहनों पर नंबर प्लेट तक नहीं होती।
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लोगों का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व पूरी रात सक्रिय रहते हैं और ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली कर उन्हें शहर की सीमा से सुरक्षित पार कराते हैं। ये लोग कार और बाइक पर सवार होकर मुख्य मार्गों पर घूमते रहते हैं और अपना सुविधा शुल्क लेकर वाहनों को निकालते है। इस अवैध गतिविधि के कारण न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे असामाजिक तत्व पुलिस की छवि को धूमिल करने का काम कर रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि ये ओवरलोड वाहन तीन-तीन थानों की सीमाओं सहित सिटी थाना व बिछोर थाना के सामने से भी निकलते हैं, इसके बावजूद पुलिस और स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।
शहरवासियों ने नव नियुक्त पुलिस कप्तान अर्पित जैन से मांग की है कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए। साथ ही, अवैध वसूली में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि शहर में कानून व्यवस्था बहाल हो सके और आमजन को राहत मिल सके। वहीं इस बारे में पुन्हाना सिटी थाना प्रभारी कुंदन सिंह ने कहा कि अप्रैल माह में अभी तक किसी भी ओवरलोड वाहन का चालान नहीं किया गया है। अवैध वसूली को लेकर उन्होंने मीटिंग में होने का हवाला देते हुए कोई जवाब नहीं दिया।