पलवल। कोरोना से रोकथाम के लिए वैक्सीन बनने का इंतजार देख रहे लोगों में अब टीकाकरण में रुचि नहीं ले रहे हैं। जहां स्वास्थ्य विभाग लोगों को इसके लिए जागरूक कर रहा है, वहीं लोग टीका लगवाने से बच रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिले के 15 केंद्रों पर 1239 लोगों को टीका लगाया जाना था, लेकिन केवल 661 लोग ही पहुंचे।
हालांकि सरकारी अस्पतालों में लोगों द्वारा टीका लगवाने न पहुंचते देख अब स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम में भी प्रक्रिया शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के साथ-साथ पलवल में दो निजी नर्सिग होम में भी कोरोना टीके लगाए गए। उन निजी केंद्रों पर भी टीका लगवाने वालों की संख्या 70 प्रतिशत ही रही। हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिन लोगों का टीका लगवाने वाली सूची में नाम शामिल किया गया था, उन्हें लगातार फोन के द्वारा व मैसेज के द्वार बुलाने का प्रयास करते रहे, फिर भी लोग टीका लगवाने कम ही पहुंचे। जिले में फिलहाल पहले चरण में 4300 लोगों को टीका लगना है।
इन केंद्रों पर लगे टीके
जिले में बनाए गए टीकाकरण केंद्रों पर बृहस्पतिवार को अल्लीका में 89 लोगों को टीके लगने थे, लेकिन 63 लोग ही पहुंचे। हथीन के गांव छांयसा में 82 में से 25, उटावड में 77 में से 28, कलसाड़ा में 91 में से 34, मंडकौला में 109 में से 68, सत्य साईं अस्पताल पलवल में 71 में से 41, टप्पा में 60 में से 57, बागला नर्सिंग होम में 100 में से 27, भुलवाना में 86 में से 57, दीघोट में 75 में से 47, औरंगाबाद में 100 में से 26, गोयल नर्सिंग होम में 100 में से 74, मलिक नर्सिंग होम में 100 में से 40 व रसूलपुर केंद्र पर 99 में से 74 लोगों को टीका लगाया गया।
वर्जन-
जिले में कोरोना से बचाव के टीकाकरण के लिए विभाग पूरी मुस्तैदी से लगा हुआ है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। पोर्टल उन लोगों की सूची अपने आप उठा लेता है, जिन्हें टीका लगाया जाना है। - डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन