होडल में मंदिर के बाहर पूजा करने वालों की भीड़।
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पलवल/होडल। चैत्र मास के नवरात्र के पहले दिन दुर्गा मां के स्वरूप शैलपुत्री की पूजा हुई। पहले दिन मंदिरों में खासी भीड़ रही। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। मंदिरों में जहां मां दुर्गा की पूजा हुई, वहीं प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की कथा सुनाई गई। इस अवसर पर मंदिरों में भजन संकीर्तन भी हुआ।
पलवल में श्रद्धालुओं की सबसे ज्यादा भीड़ कमेटी चौक स्थित देवी के मंदिर में रही। उसके अलावा एतिहासिक जंगेश्वर मंदिर, खोंटा मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, पंचवटी मंदिर, ओमेक्स स्थित श्रीराम मंदिर के अलावा गांवों में स्थित मंदिरों में भी खासी भीड़ रही। मंदिर प्रबंधन समितियों द्वारा सरकार की कोरोना से बचाव की गाइड लाइनों का भी पूरा इंतजाम किया गया है। मंदिरों में सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। वहीं पुलिस सुरक्षा के भी पूरे इंतजाम किए गए हैं। मंदिरों के बाहर सजी फूलों व फलों के अलावा पूजा सामग्री की दुकानों पर खासी भीड़ रही। वहीं होडल के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। माता रानी के दर्शनों के लिए श्रद्धालु सुबह से ही मंदिरों में पहुंचने शुरू हो गए। श्रद्धालुओं ने माता की जोत जलाकर नवरात्रों के व्रत की शुरुआत की। धूप और गर्मी से बचने के लिए सुबह के समय मंदिरों में ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर के महंतों द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव के दिशा-निर्देशों संबंधी पोस्टर जगह-जगह चस्पा किए गए हैं। लोगों को मास्क लगाने के लिए जागरूक किया गया।
कुछ जगहों पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। इसका कारण कोरोना संक्रमण बढ़ने के अलावा खेतों में फसल की कटाई भी बताया गया है। वैसे भी चैत्र मास के नवरात्र में दूसरे दिन से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़नी शुरू होती है। माता रानी की पूजा अर्चना के लिए सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ शहर के प्राचीन पथवारी मंदिर में देखी गई। यहां श्रद्धालु सुबह चार बजे से ही पहुंचने शुरू हो गए।