अपने नजदीकी थाने या चौकी में न्याय ना मिलने पर लोग जिले के आला पुलिस अधिकारियों से अपनी फरियाद करना चाहते हैं। सोमवार को एसपी कार्यालय पर अपनी फरियाद लेकर पहुंचे करीब 30 फरियादी दोपहर तीन बजे तक उनके कार्यालय के बाहर इंतजार में बैठे रहे। लेकिन उन्हें ना तो साहब ही मिले ना ही कोई संतोषजनक जवाब।
सात घंटे के लंबे इंतजार के बाद फरियादी बैरंग लौट गए। विशेष बात तो यह रही कि सात घंटे के लंबे इंतजार के दौरान उन्हें ना तो किसी ने यह बताया कि साहब छुट्टी पर हैं ना ही किसी अन्य अधिकारी ने उनका दर्द जानने का प्रयास किया। एसपी कार्यालय के बाहर बैठने वाले जवान ने भी उन्हें यह तक बताना गंवारा नहीं समझा कि आज एसपी साहब नहीं मिलेंगे।
दोपहर तीन बजे जब अमर उजाला को पता चला कि एसपी साहब छुट्टी पर हैं, तब फरियादियों को बताया गया। जिस पर वे लौट गए। यूं तो सरकार ने आदेश जारी किए हुए हैं कि साप्ताहिक कार्य दिवसों में अधिकारी सुबह 11 बजे से लेकर एक बजे तक अपने कार्यालयों पर रहकर जनता की समस्याएं सुनें। लेकिन सवाल यह है कि यदि अधिकारी ही कार्यालय से नदारद मिलें, तो आखिर फरियादी अपनी फरियाद किसे सुनाएं।
मैं सुबह नौ बजे एसपी कार्यालय में एसपी साहब को अपनी फरियाद सुनाने आई थी। तीन वर्ष पूर्व मेरी शादी हुई थी, जोकि अंर्तजातीय विवाह था। तभी से ही गांव के दबंग हमारी जान के दुश्मन बने हैं। उस समय हमें गांव निकाला दे दिया गया था। रोजी रोटी का जुगाड़ ना होने के चलते कुछ समय पूर्व गांव में आकर रहने लगे। तभी से ही गांव के दबंग परेशान करते हैं। चार माह की गर्भवती है, कुछ दिन पूर्व भी मेरे साथ मारपीट की गई, जिसकी सूचना 100 नंबर पर दी। शिकायत अमरपुर पुलिस चौकी को व महिला थाने में भी दी। कहीं से कोई सुनवाई नहीं हुई, तो दूसरी बार एसपी साहब से मिलने आई थी लेकिन यहां से भी बैरंग लौटना पड़ा है।
-अनीता, पत्नी रामरूप, गांव कटेसरा।
-अपनी पत्नी के साथ सुबह नौ बजे से यहां बैठा हूं। पुत्रवधु ने जायदाद के लिए छेड़छाड़ की झूठी शिकायत कर दी थी, जिस पर सैक्टर-2 पुलिस चौकी में बुलवा लिया गया। जिस पर जायदाद तीनों बेटों में बांट दी, लेकिन वे अब भी झूठी शिकायत दिलवा कर परेशान परेशान कर रहे हैं। कई दिन से एसपी साहब के पास न्याय की आस में आया था, लेकिन यहां तो साहब मिले ही नहीं।
-बलबीर सिंह व भगवती, गांव सिहौल, पलवल।
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-दहेज के लिए ससुराल पक्ष के लोग परेशान करते हैं। चार जुलाई को महिला थाने में शिकायत दी थी। कोई सुनवाई नहीं हुई तो माता-पिता के साथ एसपी साहब से फरियाद करने आई थी। यहां सात घंटे बैठे हुए हो गए, लेकिन किसी ने यह तक नहीं बताया कि साहब नहीं मिलेंगे। ना ही किसी अन्य अधिकारी ने शिकायत के बारे में पूछा है।
-मुकेश, निवासी, गांव कलसाड़ा।
पहली बात तो एसपी राहुल शर्मा छुट्टी पर नहीं थे। हो सकता है कि वे फील्ड में कहीं हों। लेकिन कार्यालय में आने वाले फरियादियों की सुनवाई तो होनी ही चाहिए। वे पता करेंगी कि ऐसा कैसे हुआ। भविष्य में फरियादियों को परेशानी न हो इसका ध्यान रखा जाएगा।
-ममता सिंह, आईजी, रेवाड़ी रेंज।