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सोहना रोड पर कब्जे से लोग परेशान, अधिकारी बेखबर

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पलवल के सोहना चौक पर अतिक्रमण। - फोटो : Palwal
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सोहना रोड पर कब्जे से लोग परेशान, जाम में फंस जाती है एंबुलेंस
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पलवल। नगर परिषद के अधिकारी अतिक्रमण हटाने के दावे तो बड़े-बड़े करते हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नजर नहीं आता। पलवल के न्यू सोहना रोड पर हुआ अतिक्रमण परिषद की लापरवाही का सटीक उदाहरण है। अतिक्रमण का आलम यह है कि करीब 30 से 35 फिट चौड़ी सड़क अब मात्र 15 फिट ही रह गई है, जिससे पूरा दिन जाम लगा रहता है। इस कारण सरकारी अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पलवल से सोहना होते हुए गुरुग्राम, रेवाड़ी और जयपुर जैसे बड़े महानगरों में जाने के लिए न्यू सोहना रोड का इस्तेमाल किया जाता है। हथीन, नूंह जाने के लिए भी यह एकमात्र सड़क है। इसी मार्ग पर जिला नागरिक और कई निजी अस्पताल बने हुए हैं। कई साल पहले हथीन मोड़ तक सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ का निर्माण कराया गया था। सड़क के एक साइड नाला भी बना है। लेकिन, अब फुटपाथ नजर नहीं आता है। वहीं, कवर कराकर नाले पर निजी अस्पताल संचालकों ने कब्जा कर लिया है। अस्पतालों के पास पार्किंग की व्यवस्था न होने के कारण दोनों साइड वाहन खड़े रहते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी सरकारी अस्पताल जाने वाले मरीजों को होती है, क्योंकि जाम में एंबुलेंस फंस जाती है। अस्पताल के मेन गेट पर ही रेहड़ी और ऑटो चालकों का जमावड़ा लगा रहता है। एंबुलेंस आने पर भी ये लोग नहीं हटते हैं। अतिक्रमण से निजात दिलाने के लिए कई बार नागरिकों और सामाजिक संगठनों के लोगों ने अधिकारियों से गुहार लगाई है। लेकिन, किसी ने सुध नहीं ली।
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इन जगहों पर भी अतिक्रमण
शहर के पुराना जीटी रोड, पुराना सोहना रोड, रसूलपुर रोड, किठवाड़ी रोड, शेखपुरा, ट्रैक्टर मार्केट, मीनार गेट मेन बाजार, गुप्ता गंज, जवाहर नगर कैंप, बस स्टैंड मार्केट, रेलवे रोड, माल गोदाम और अलावलपुर रोड सहित कई स्थानों पर अतिक्रमण की समस्या है। इस कारण लोगों में दुर्घटनाओं का डर भी बना रहता है।
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अतिक्रमण की समस्या से हर व्यक्ति को परेशानी होती है। इसे प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिए। फुटपाथ और सड़कों पर कब्जे की तरफ नगर परिषद के अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। कब्जे हटने के बाद शहर सुंदर दिखाई देगा।
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- भूपेंद्र चौधरी, स्थानीय निवासी
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अभियान चलाकर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ चालान किए जाते हैं। साथ ही सामान को भी जब्त किया जाता है। यदि कहीं समस्या है तो जल्द ही अभियान चलाकर अतिक्रमण हटवाया जाएगा।
- इंदू भारद्वाज, चेयरपर्सन, नगर परिषद पलवल
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