पलवल। डॉक्टर साहब मुझे कुत्ते ने काट लिया है। मैं बेहद गरीब हूं तथा बीपीएल कार्ड भी बना हुआ है। मुझे इंजेक्शन लगवा दो। ये मांग थी अस्पताल में रैबीज का इंजेक्शन लगवाने आए एक बुजुर्ग की। इसपर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी का कहना था कि हमने रैबीज के इंजेक्शन के लिए सरकार को मांग भेजी हुई है। जब आ जाएंगे, लगवा देंगे। बाहर से जाकर लगवा लो। यह मामला देखने को मिला मंगलवार को जिला नागरिक अस्पताल में।
समय: सुबह 10.30 बजे
स्थान: टीकाकरण केंद्र
जिला नागरिक अस्पताल में स्थित रैबीज इंजेक्शन लगाने वाले टीकाकरण कक्ष में रैबीज के इंजेक्शन लगवाने के लिए लोग खड़े हुए थे, लेकिन इंजेक्शन न होने के कारण उन्हें लौटाया जा रहा था। उन्हें बाहर से खरीदकर लगवाने को बोला जा रहा था।
समय: सुबह 10.40 बजे
स्थान: बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष
अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर मरीजों की लाइन लगी थी। लोग अपने बच्चों को दिखाने के लिए खड़े थे, लेकिन अव्यवस्था के कारण समय पर उनकी जांच नहीं हो रही थी। बाद में दवा केंद्र पर पूरी दवाइयां नहीं मिल रही थीं।
समय: सुबह 10.45 मिनट
स्थान: अस्पताल आपातकलीन कक्ष के बाहर
जिला नागरिक अस्पताल में आपातकालीन कक्ष के बाहर जाकर देखा तो वहां मरीजों को अंदर ले जाकर स्ट्रेचर पड़ा था। जिस कारण गंभीर मरीजों को परिजनों द्वारा हाथों में उठाकर अंदर ले जाया जाता है।
मुझे कुत्ते ने काट लिया है। मैं अस्पताल में रैबीज का इंजेक्शन लगवाने आया हूं। यहां इंजेक्शन नहीं है। डॉक्टर से मिला, लेकिन उन्होंने भी बाहर से लेकर लगवाने के लिए बोल दिया है। मैं बेहद गरीब हूं। कहां से तीन-तीन इंजेक्शन लगवाऊंगा।
- श्रवण कुमार, अलावलपुर
मुझे कुत्ते ने काटा है। यहां इंजेक्शन लगवाने आया, लेकिन अस्पताल में नहीं है। बाहर से लेकर लगवाने के लिए बोल दिया गया है। एक इंजेक्शन बाहर मेडिकल स्टोर पर 400 से 500 रुपये में दे रहे हैं।
- गौतम, खिजूरका गांव
रैबीज इंजेक्शन गुरुग्राम वेयरहाउस से आते हैं। वहां खत्म हो चुके हैं। मांग बनाकर भेजी हुई है। बीपीएल कार्ड धारकों के लिए भी अब हमारे पास बजट नहीं है। इस कारण लोगों को बाहर से लेने के लिए बोला जा रहा है।
- डॉ. अजय मॉम, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी