पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों दवाइयों की भारी कमी है। खांसी की दवा तक अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। वहीं दूसरी तरफ विभाग कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से लड़ने का दावा कर रहा है। छोटी से छोटी दवाइयां तक इन दिनों अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। मरीजों की शिकायत है कि उन्हें दवाइयां मेडिकल स्टोर से लेनी पड़ रही हैं। गरीब व बीपीएल कार्ड धारकों के लिए अब सरकारी इलाज भी बहुत खर्चीला पड़ रहा है। अस्पताल के मेडिकल स्टोर में कुछ ही दवाइयां हैं, आयुर्वेद की दवाइयां तो बिल्कुल खत्म हो चुकी हैं।
जिला नागरिक अस्पताल पलवल जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पलवल के अलावा होडल, हथीन, हसनपुर, पृथला क्षेत्र के गांवों के लोग भी उपचार कराने आते हैं। अस्पताल में गरीब, पिछड़े क्षेत्रों के लोगों के अलावा ऐसे लोग भी इलाज कराते हैं, जो निजी अस्पतालों का खर्चा वहन नहीं कर सकते। यहां उपचार तो मिल जाता है लेकिन दवाइयां नहीं मिलती हैं। इसपर मरीज दवाइयां बाहर निजी मेडिकल स्टोरों से महंगे दामों पर खरीदते हैं।
न खांसी की दवाई न एलर्जी की दवा
जिला नागरिक अस्पताल के स्टोर में न तो खांसी की दवा है और न एलर्जी की दवाएं हैं। इसके अलावा अन्य कई ऐसी दवाएं हैं, जो बेहद आम है तथा कहीं भी आसानी से मिल जाती हैं, लेकिन वे दवाएं भी जिला नागरिक अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं। गैस खत्म करने में काम आने वाला पेंटाप डी कैप्सूल भी अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। न ही लिव-52 उपलब्ध है।
अस्पताल में दवाइयों की कमी नहीं होने दी जाएगी। जिन दवाइयों का स्टॉक नहीं है, वे जल्द मंगवाई जाएंगी। मैं बात करूंगा कि कौन सी दवाइयां नहीं है। गरीब व जरूरतमंदों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना प्राथमिकता है।
- डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन