बृहस्पतिवार की देर रात सर्वर डाउन के कारण एनएच-2 पर लगे करीब छह घंटे के जाम से डिजिटल इंडिया अभियान की पोल खोल दी है। वाणिज्य कर विभाग की साइट फेल होने के कारण हरियाणा-यूपी के करमन बॉर्डर पर लगभग छह घंटे से अधिक समय तक यातायात बाधित रहा।
हाईवे जाम में रात को घंटों तक एंबुलेंस फंसी रही तो सुबह स्कूल बसें जाम के झाम से जूझती रहीं। जाम की सूचना के कई घंटों बाद हरियाणा व यूपी पुलिस मौकेपर पहुंची। पुलिस ने रास्ते में आड़े तिरछे खड़े वाहनों को एक साइड कराकर जाम को खोलने का प्रयास किया, लेकिन सुबह लगभग 11 बजे इंटरनेट सर्वर ठीक होने के बाद ही यातायात सुचारू रूप से शुरू हो सका और वाहन चालकों को जाम से निजात मिल सकी।
हरियाणा से यूपी सीमा के प्रवेश करने वाले मालवाहक व भारी वाहनों को करमन बॉर्डर पर टैक्स कटाकर यूपी में प्रवेश करना पड़ता है। यूपी सरकार ने यह सुविधा इंटरनेट से ऑन लाइन की हुई है। रात लगभग दो बजे इंटरनेट सुविधा ठप हो जाने के कारण भारी वाहनों का टैक्स नहीं कट सका और उन्होंने हाइवे पर ही अपने वाहनों को खड़ा कर दिया। कुछ ही देर में आगरा की तरफ जाने वाले मार्ग पर वाहनों की लबी कतारें लग गई।
भारी वाहनों के कारण लगे इस जाम में कार, एंबुलेंस व सुबह के समय स्कूली बसें भी फंस गई। कई किलोमीटर तक जाम होने के कारण जाम में फसे लोगों को कई घंटों तक अपने वाहनों में कैद होकर रहना पड़ा। जाम की सूचना लोगों ने रात को ही हरियाणा व यूपी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी थी, लेकिन सुबह आठ बजे तक भी दोनों राज्यों की पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी लोगों की मदद के लिए नहीं पहुंचे।
जाम में फंसे दिल्ली कालका रोड निवासी अविनाश ने बताया कि वह सुबह छह बजे के जाम में फंसे हैं और अब नौ बज गए हैं। उन्हें नौ बजे तक आगरा में किसी जरूरी कार्य से पहुंचना था। कोसीकलां निवासी बलदेव व हरकिशन ने बताया कि उन्हें दस बजे तक दिल्ली किसी मीटिंग में पहुंचना था, लेकिन जाम में फंसकर दस यहीं बज गए हैं। अब मीटिंग में जाने के बजाय वापस घर लौटना पड़ेगा।
जाम में मरीजों को लेकर जा रही कई एंबुलेंस भी फंसी रही। चालकों ने आपातकालीन सायरन भी बजाया, लेकिन उसका भी वाहन चालकों पर कोई असर नहीं दिखाई दिया। एक एंबुलेंस चालक ने बताया कि उनकी गाड़ी में एक जला हुआ मरीज हैं, जिसे दिल्ली ले जाना था, लेकिन जाम में फंसे पूरे दो घंटे हो गए हैं।
एसआईबी मथुरा के ज्वाइंट कमिश्नर प्रधान अनूप कुमार का कहना है कि विभाग की वेबसाइट में कोई खराबी आ गई है। लखनऊ मुख्य कार्यालय के इंजीनियरों की टीम सर्वर को दुरुस्त करने में जुटी हुई है। जल्दी समस्या सुलझा ली जाएगी। इसके बाद कार्य और यातायात भी सुचारु रूप से शुरू हो जाएगा।