राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा एनएच-2 के बंद पड़े फ्लाईओवर को चालू करने के दूसरे दावे भी हवा-हवाई साबित हुए। आलापुर व मीतरोल पर बने इन फ्लाईओवर को विभाग ने 20 नवंबर से पहले-पहले चालू कर देने का दावा किया था। लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से जो कार्य किए जाने थे अभी तक एक स्थान पर तो वो शुरू भी नहीं हुए।
सरकारी अधिकारी व नेता वाहवाही लूटने के लिए योजनाओं की शुरुआत तो कर देते हैं, लेकिन यह नहीं देखते कि वहां पर्याप्त सुविधाएं हैं भी या नहीं। कुछ ऐसा ही हाल एनएच-2 पर आलापुर व औरंगाबाद के फ्लाई ओवरों का हो रहा है, जिन्हें कि उद्घाटन के कुछ दिन बाद ही बंद कर दिया गया।
एनएच-2 को छह मार्गीय करने के लिए चल रहा निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहा है। जिसके चलते रास्ते में बाधा उत्पन्न होती थी व वाहनों की गति को भी ब्रेक लगा रहता था। जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने पलवल में पड़ने वाले फ्लाई ओवरों में से दो को चालू करने की योजना बनाई थी।
जिसके लिए केंद्रीय राज्य मंत्री फीता काटने के लिए आए थे। उस समय सरकार ने इनका बढ़-चढ़ कर बखान किया था। लेकिन बिना मुकम्मल योजना के वे कुछ दिन बाद ही बंद भी हो गए। तीन नवंबर को अमर उजाला ने इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिस पर दावा किया गया था कि 20 नवंबर तक दोनों फ्लाईओवर चालू हो जाएंगे।