तालाब मालिक की शिकायत पर अज्ञात महिला के खिलाफ केस दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। क्षेत्र में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। लहरवाड़ी गौधोला गांव के पास नहर के किनारे बने एक छोटे तालाब में नवजात का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। तालाब मालिक की शिकायत पर अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात को जन्म देने वाली महिला कौन थी और उसने ऐसा अमानवीय कदम क्यों उठाया।
शुक्रवार को ग्रामीणों ने लहरवाडी-गोधोला गांव के बीच नहर के पास एक जोहड़ में नवजात शिशु का शव उतराता देखा। तालाब मालिक को इसकी सूचना दी गई। तालाब मालिक ने पुलिस को सूचना दी, पुलिस ने शव को पानी से निकाला और मांडीखेड़ा के अल आफिया अस्पताल में रखवा दिया। ग्रामीणों के मुताबिक शव तकरीबन दो दिन पुराना है। जिसे जन्म के तुरंत बाद ही तालाब में फेंका गया है। यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बच्चे को तालाब में फेंकते समय वह जीवित था या मृत। शहर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में खुले रूप से चल रहे अवैध जच्चा-बच्चा केंद्र ऐसी घटनाओं की जड़ हैं। इन केंद्रों में न केवल अवैध रूप से प्रसव कराया जाता है बल्कि लिंग जांच के बाद गर्भपात कराने जैसे घिनौने कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग को इन अवैध केंद्रों के बारे में पूरी जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नवजात की पहचान और घटना के पीछे की सच्चाई सामने आने के बाद आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी मिले है नवजात शिशुओं के शव
लहरवाड़ी-गौधोला के बीच तालाब में शव मिलने की यह कोई पहली घटना नहीं है बल्कि इससे पहले भी शहर सहित आसपास के गांवों में नवजात शिशुओं के शव मिले हैं। 10 मई 2024 को शहर के ईदगाह के पास नवजात बच्ची का शव मिला था। 15 फरवरी 2025 को सीनियर सेकेंडरी स्कूल के समीप कूड़े के ढेर में पॉलिथीन में शव मिला था। पिछले दिनों लाहाबास गांव के पास भी नहर में पॉलिथीन में बंद एक नवजात शिशु का शव मिला।