केंद्र सरकार ने अलीगढ़ जाने वालों के सफर को आरामदेह बनाने की योजना बनाई है। जिले को अलीगढ़ से जोड़ने वाले राजमार्ग को शीघ्र ही फोरलेन किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार के निर्देशों पर इंडियन अकादमी ऑफ हाईवे इंजीनियर्स डीपीआर तैयार करवा रहा है।
योजना के अनुसार, राजमार्ग की कनेक्टिविटी नूंह से अलीगढ़ तक रहेगी। योजना के तहत हरियाणा व यूपी के हिस्से वाले दोनों तरफ के राजमार्ग को फोरलेन किया जा रहा है। इस पर करीब 552 करोड़ से अधिक की लागत आएगी। सड़क के फोरलेन बनने से जाम से निजात मिलेगी और मार्ग पर चलने वालों का सफर आसान होगा।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, पहले उत्तरप्रदेश वाले पार्ट को फोरलेन किया जाएगा। इस मार्ग पर दोनों ओर लगे 12 हजार 500 वृक्षों को काटने की अनुमति उत्तरप्रदेश लोक निर्माण विभाग ने ले ली है। मार्ग पर खैर जट्टारी में बाईपास भी निकाला जाएगा, जिसके लिए दस किलोमीटर लंबी रोड बनाई जाएगी।
मार्ग पर आठ छोटे पुल और 90 पुलिया बनाई जाएंगी। राजमार्ग के किनारे खडे़ 991 बिजली के पोल हटाए जाएंगे। यूपी सीमा में 235 सरकारी और गैर सरकारी हैंडपप भी शिफ्ट किए जाएंगे। यूपी सीमा में राजमार्ग का काम यमुना किनारे से शुरू किया जाएगा।
सबसे व्यस्त मार्ग
उल्लेखनीय है कि अलीगढ़ रोड पलवल जिले का सबसे व्यस्त मार्ग है। दिल्ली में भारी वाहनों के नो इंट्री के बाद इस मार्ग पर वाहनों का दबाब पहले से कई गुना बढ़ गया है। यातायात पुलिस के एक अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन इस मार्ग से 40 से 50 हजार वाहन गुजरते हैं। यह मार्ग पलवल को नोएडा आगरा एक्सप्रेस हाईवे से भी जोड़ता है।
पेड़ काटने की अनुमति
मार्ग को फोरलेन करने के लिए दोनों ओर लगे 12 हजार 500 पेड़ों को काटने की अनुमति ले ली गई है। यूपी सीमा में राजमार्ग का काम यमुना किनारे से शुरू किया जाएगा। बाद में हरियाणा के हिस्से का काम शुरू होगा।
-एएच सिद्दीकी, अधिशासी अभियंता, यूपी।