अगर आप अंग्रेजी बोलने में माहिर हैं, तो बैंक से ज्यादा नगदी लेने में कामयाब हो सकते हैं। हो सकता है इसके लिए आपको कतार में भी ना खडा होना पड़े, व मैनेजर प्रभावित होकर आपको सरकार द्वारा तय अधिकतम राशि प्रदान कर दें।
मंगलवार को एक व्यक्ति ने अपना नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि वे राष्ट्रीयकृत बैंक में पैसे निकलवाने गए थे। लंबी कतार में लगने के बाबजूद भी बैंक प्रबंधन अधिकतम 10 हजार रुपए की राशि दे रहा था। जिस पर वे बैंक प्रबंधक के केबिन में गए व उनसे फर्राटेदार इंग्लिश में बात करते हुए उस नियम के बारे में पूछा, कि जिस नियम के तहत बैंक कम राशि दे रहा था।
मैनेजर के पास उनके अंग्रेजी में दिए जा रहे तर्कों का कोई जवाब नहीं था। बाद में बैंक मैनेजर ने उन्हें अपने केबिन में ही 24 हजार रुपए की रकम निकालकर दे दी।
कैश को लेकर 42 दिन बाद भी वैसी ही किल्लत बनी रही। कैश की कमी के चलते बैंक अपने उपभोक्ताओं को नगदी उपलब्ध कराने में असहज पा रहे हैं। हालांकि कुछ लोग तो बैंकों की मजबूरी को समझते हैं, लेकिन कुछ लोग उनसे नाराजगी जाहिर करते हुए गुस्से का इजहार भी करते हैं। एटीएम में पैसे डाले जाने की सूचना मिलते ही मिनटों में लंबी कतारें लग जाती हैं। कैश की उपलब्धता कराने में एसबीआई, एचडीएफसी व पीएनबी के एटीएम अभी तक अव्वल आ रहे हैं।
खास बात यह है कि एक समय में एक ही एटीएम में पैसा मिलता है। मंगलवार को दोपहर के समय आगरा चौक स्थित एसबीआई के एटीएम में पैसे डाले गए, तो देखते ही देखते महिलाओं व पुरुषों की लंबी कतारें लग गई।