पलवल। लॉकडाउन में मिली छूट के बाद खुली शराब की दुकानों से रेट लिस्ट गायब हो गई, परंतु शराब की रेटों में अभी कोई कमी नहीं आई है। मंगलवार को भी मनमाने दामों पर शराब की बिक्री जारी रही। बढ़े रेटों से सुरा प्रेमियों की जेब पर दोगुणा असर पड़ रहा है। वहीं कराधान एवं आबकारी विभाग का कहना है कि शराब को सरकार द्वारा तय कीमतों से नीचे बेचना नियमों के विरुद्ध है। यदि ठेकेदार ज्यादा कीमत पर शराब बेचता है और ग्राहक को कोई परेशानी नहीं है तो विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर सकता। लोग शिकायत करेंगे तो कार्रवाई की जाएगी।
कोरोना महामारी की दूसरी लहर में प्रदेश में बढ़ते मौत के आंकड़े के बाद सरकार ने बीती तीन मई को संपूर्ण लॉकडाउन लगाया। 24 दिन चले संपूर्ण लॉकडाउन शराब माफिया ने जमकर चांदी कूटी। ठेकों पर भी शटर के नीचे से शराब जमकर बिकी। अवैध रूप से शराब बेचने वालों ने दो से तीन गुणा दाम बढ़ाकर शराब बेची। सोमवार को लॉकडाउन में मिली छूट में शराब की दुकाने खुली तो अंग्रेजी शराब की बोतल पर 300 से लेकर 500 रुपये तक इजाफा कर दिया। दुकानों पर नए रेट की लिस्ट लगा दी गई। मंगलवार को अमर उजाला ने मामले को उठाया तो दुकानों से नए रेट लिस्ट गायब हो गई, परंतु शराब के दामों में कमी नहीं की गई है।
एक शराब ठेकेदार ने बताया कि इस साल कोरोना के चलते नए ठेके नहीं छोड़े गए हैं। पुराने ठेकेदारों के ठेके रिन्यू कर दिए गए हैं। शराब की दुकानों पर पिछले साल के कोटे की ही शराब बेची जा रही है। शराब की कमी के कारण अभी रेट ज्यादा है। 12 जून से नई साल के टेंडर के तहत शराब आएगी तो रेटों में कमी आने की उम्मीद है।