सेलिब्रिटीज के विज्ञापन, प्रधानमंत्री की अपील व प्रशासन के जागरूकता कार्यक्रम पलवल जिले के लोगों को डिजिटल ट्रांजेक्शन की तरफ अग्रसर नहीं कर पा रहे हैं। ना तो बाजारों में रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए कैशलेस की सुविधा है और ना ही लोग इस तरफ ज्यादा उत्सुक हैं।
आठ नवंबर को नोटबंदी के बाद से ही लोग कैश के लिए परेशान हैं। लोगों की दिनचर्या में काफी अंतर आया है, लेकिन अधिकांश लोग आज भी कैशलेस होने में असहज महसूस कर रहे हैं। व्यापारी भी कैशलेस होने में असुविधा समझते हैं, जिसके चलते 34 दिन बाद भी रुझान बढ़ता नहीं दिख रहा है।
नोटबंदी के बाद पीएम मोदी देश को कैशलेस चलाने की राह पर अग्रसर हो रहे हैं। वे अपनी सार्वजनिक सभाओं में देश को कैशलेस प्रणाली की तरफ बढ़ने का आह्वाहन करते हैं। दिलचस्प बात यह है कि पीएम के आह्वाहन का बीजेपी नेताओं पर भी असर नहीं दिख रहा है। जिले के अधिकांश बीजेपी नेताओं की दुकानें हैं, जिनमें रोजमर्रा के सामान की दुकानें भी शामिल हैं। वे सभी पीएम मोदी की नोटबंदी व कैशलेस की तारीफ तो करते हैं, लेकिन उनके पास कैशलेस की सुविधा क्यों नहीं हैं, इस पर चुप्पी साध जाते हैं।