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Palwal News: मंडी में नहीं हो रही सरसों की खरीद, ओने-पौने दामों फसल बेचने को मजबूर किसान

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- 500 से 700 रुपये कम में अपनी फसल बेच रहे किसान, कोई अधिकारी नहीं आया देखने
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संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। एक तरफ जहां सरकार किसानों की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य खरीदने का दावा कर रही है। वहीं, होडल अनाज मंडी में सरसों की फसल की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों में सरकार के खिलाफ रोष है। 1 मार्च को ओलावृष्टि व होली के दौरान हुई बारिश से पहले की किसानों की फसल को काफी नुकसान हो चुका है। अब होडल में सरकारी खरीद न होने पर किसान ओने-पौने दामों में अपनी फसल बेचने को मजबूर हैं।


सरसों की फसल की सरकारी खरीद नहीं होने पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए केंद्र व प्रदेश भाजपा सरकार को किसान विरोधी करार दिया है। दरअसल, प्रदेश सरकार ने किसानों की सरसों की फसल 15 मार्च से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने की घोषणा की थी, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी सरसों की सरकारी खरीद का काम शुरू नहीं हो पाया है। अनाज मंडी में दिन-प्रतिदिन सरसों की आवक बढ़ती जा रही है लेकिन सरकारी खरीद शुरू न होने से किसानों को सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 5950 रुपये से पांच सौ से सात सौ रुपये कम में अपनी फसल बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है। किसान राम अवतार, रमेशचंद ,हरवीर, सुरेश आदि ने बताया कि अनाज मंडी में करीब दो दिन में आठ सौ क्विंटल सरसों की फसल की बिक्री हुई, लेकिन खरीद के लिए एजेंसी का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी नहीं पहुंचा।
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क्षेत्र के किसानों को सरसों की फसल को औने पौने दामों में निजी खरीदारों को बेचना पड़ रहा है। मंडी अधिकारियों से सरकारी खरीद के मामले में बात की तो उन्होंने इस मामले में कोई जवाब नहीं दिया।
विष्णु, किसान
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प्रदेश सरकार जहां किसानों को सरसों की फसल की बिजाई करने के लिए लगातार जागरूक करती है लेकिन फसल की खरीदारी के समय सरकार के प्रतिनिधि गायब हो जाते हैं। सरकार को हम किसानों की सरसों की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदना चाहिए।
रामकिशन, किसान

सरकार ने किसानों की सरसों की फसल की खरीद के लिए 5950 रुपये के न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा की थी लेकिन मंडी में किसानों की फसल को पांच सौ से छह सौ रुपये कम में अपनी फसल बेचनी पड़ रही है।
शेर सिंह, किसान
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अनाज मंडी में सरसों की फसल की सरकारी खरीद नहीं होने से अब मंडी से फसल को वापस घर ले जाना पड़ रहा है। जबकि प्रदेश के अन्य स्थानों पर सरसों की फसल की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है। यदि सरकार ने जल्द सरसों की फसल की सरकारी खरीद नहीं शुरू की तो किसान धरना प्रदर्शन करेंगे।
सुखबीर, किसान



केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार ने प्रदेश के किसानों के साथ ही नहीं देश के किसानों के साथ वोट लेने के बाद धोखा किया है। मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं होने पर जब किसान आंदोलन करते हैं तो सरकार जबरन उन्हें गिरफ्तार कर रही है । भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल है। - उदयभान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ,हरियाणा
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किसानों की सरसों की फसल की खरीद के मामले में उन्हें किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि किसानों को किसी प्रकार की शिकायत है तो वो जल्द मंडी का दौरा कर किसानों की समस्या का समाधान करेंगी। बेलिना लोहान, एसडीएम
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