छात्र, शोधकर्ता, प्रकृति प्रेमी, फोटोग्राफर ने लिया हिस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (दिल्ली चिड़ियाघर) ने पहली बार माॅथ वॉच एनजेडपी कार्यक्रम हुआ। इसका उद्देश्य रात में सक्रिय रहने वाले जीवों, खासकर पतंगों (मॉथ), जुगनुओं और अन्य कीड़ों की दुनिया से लोगों को परिचित कराना और जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। शाम 7 से 9 बजे तक चले कार्यक्रम में छात्र, शोधकर्ता, प्रकृति प्रेमी, फोटोग्राफर और स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। विशेष सफेद चादरों और यूवी लाइट की मदद से विभिन्न प्रजातियों के पतंगों का अवलोकन किया गया और उनकी तस्वीरें भी ली गईं।
विशेषज्ञों ने बताया कि पतंगे परागण, खाद्य शृंखला और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का संचालन वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) इंडिया के जैव विविधता विशेषज्ञ निखिल जॉन ने किया।
चिड़ियाघर के निदेशक ने कहा कि ऐसे सिटिजन साइंस कार्यक्रम लोगों को प्रकृति से जोड़ने और जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने के प्रभावी माध्यम हैं। चिड़ियाघर प्रबंधन ने बताया कि अगला रेप्टाइल, एम्फीबियन और मोलस्क वॉक दो अगस्त को आयोजित किया जाएगा। इसमें भाग लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।