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Palwal News: 49 लोगों को काट चुके बंदर, कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा

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घर और गलियों में घुसकर लोगों पर कर रहे हमला, बंदर पकड़ने के लिए तीसरी बार टेंडर प्रक्रिया शुरू
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संवाद न्यूज एजेंसी

हथीन। हथीन शहर और आसपास के इलाकों में बंदरों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक बंदर 49 लोगों को काट चुके हैं। इसके बावजूद बंदरों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। मंगलवार को सेंट जॉन स्कूल के पास स्थित कॉलोनी में 17 वर्षीय कौशल कुमार को घर में घुसकर बंदर ने काट लिया। परिजन उसे उपचार के लिए निजी क्लीनिक लेकर पहुंचे। दो दिन पहले इसी कॉलोनी में सब्जी विक्रेता रामबाबू को बंदर ने गर्दन पर काट लिया था। लोगों का कहना है कि बंदरों के कारण बच्चों का स्कूल जाना और कामगारों का ड्यूटी पर निकलना भी जोखिम भरा हो गया है।
लोगों की मांग पर उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए शहर के अधिकारियों की समिति गठित कर अभियान की प्रतिदिन समीक्षा करने और शाम को प्रगति रिपोर्ट लेने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन लोगों का आरोप है कि अभी तक न तो समिति गठित हुई है।
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दो बार टेंडर गया खाली

नगर पालिका सचिव देवेंद्र कुमार ने बताया कि बंदरों को पकड़ने के लिए नौ लाख 45 हजार रुपये का टेंडर पोर्टल के माध्यम से जारी किया गया था। दो बार टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के प्रयास किए गए, लेकिन किसी एजेंसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब तीसरी बार टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।

नगर पालिका चेयरपर्सन रेणु लता ने बताया कि व्यक्तिगत स्तर पर भी बंदर पकड़ने वाले लोगों को बुलाकर बंदर पकड़वाए गए हैं। पालिका प्रशासन इस समस्या को लेकर गंभीर है। वहीं, एसडीएम हरिराम ने कहा कि उपायुक्त के निर्देशों की पालना कराई जाएगी। इसके लिए नगर पालिका प्रशासन को निर्देश जारी किए गए हैं।
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इस साल जिले के 800 लोग बने शिकार
जिले में बंदरों के हमलों की समस्या केवल हथीन तक सीमित नहीं है। जिला नागरिक अस्पताल में जनवरी से अब तक जिले में बंदरों के काटने के 800 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। पीड़ितों में बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। बंदर शहर की कॉलोनियों, गांवों की गलियों, घरों की छतों और जिला नागरिक अस्पताल परिसर में भी दिखाई देते हैं। लोगों ने प्रशासन से बंदरों को पकड़ने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
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