पलवल। हर जरूरतमंद व्यक्ति को उसके संवैधानिक अधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिए कानूनी जागरूकता अभियान अब शुरू हो गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं चेयरमैन अशोक कुमार वर्मा ने जागरूकता मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि मोबाइल वैन कानूनी जागरूकता अभियान जिला पलवल के विभिन्न गांवों में संचालित किया जाएगा। कानूनी जागरूकता शिविरों का संचालन पैनल अधिवक्तागण व पैराविधिक स्वयंसेवकों द्वारा किया जाएगा।
हर जरूरतमंद व्यक्ति को उसके संवैधानिक अधिकार बताए जाएंगे :
जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं चेयरमैन अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि उक्त जागरूकता अभियान का उद्देश्य बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, श्रमिकों या समाज के हर जरूरतमंद को उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में जागरूक करना है। मोबाइल वैन के माध्यम से प्राधिकरण के संदेश ‘न्याय सबके लिए’ को ज्यादा से ज्यादा फैलाया जाएगा, ताकि हर जरूरतमंद को न्याय प्राप्त करने में सुलभता और सहजता प्रदान हो। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव पीयूष शर्मा ने कहा कि मोबाइल वैन कानूनी जागरूकता अभियान पूरे अगस्त महीने चलेगा तथा अभियान गांव बागपुर से शुरू होकर 30 अगस्त को गांव जल्हाका में संपन्न होगा।
जागरूकता शिविरों में हर जरूरतमंद के संवैधानिक अधिकारों, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, नालसा योजनाओं, हरियाणा मुआवजा योजना, संवैधानिक अधिकारों व मौलिक कर्तव्यों तथा विभिन्न कानूनी विषयों सहित प्राधिकरण की संपूर्ण सेवाओं तथा स्थायी लोक अदालत (जन उपयोगी सुविधाएं) आदि के विषय रखे गए हैं, जिनके बारे में जनमानस में जागरूकता फैलाई जाएगी। प्राधिकरण की हेल्पलाइन नंबर 01275 298003 के बारे में प्रचार-प्रसार किया जाएगा। जागरूकता अभियान में लीगल ऐड टीम के साथ संबंधित ग्राम सचिव, सरपंचों व समाजसेवियों को भी जोड़ा जाएगा, जिससे हर जरूरतमंद तक नालसा और हालसा और प्राधिकरण के कानूनी सहायता के संदेश को पहुंचाया जावे।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विमल कुमार, एस के खंडूजा, करूणा शर्मा, डॉ सुनीता ग्रोवर व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेश यादव, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुखप्रीत सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी गोरांग शर्मा, गुलशन वर्मा, प्रचेता सिंह तथा बार एसोसिएशन के प्रधान जितेन्द्र सिंह रावत, सचिव धर्मपाल शांडिल्य व सह सचिव चरण पाल तंवर तथा प्राधिकरण के पैनल रिटेनर व पैनल अधिवक्तागण व विभिन्न पैराविधिक स्वयं सेवक भी मौजूद रहे।