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मंत्री जी, हमारे विधायक होने कोई फायदा नहीं, जब अधिकारी ही हमारे फोन तक नहीं उठाते

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पलवल निगरानी समिति की बैठक में शिकायतें सुनते सहकारिता मंत्री डॉ.बनवारी लाल। - फोटो : Palwal
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पलवल (अनूप पाराशर)। मंत्री जी, हमारे विधायक होने का कोई फायदा नहीं है। जिले के अधिकारी खासकर बिजली विभाग के अधिकारी हमारे फोन तक नहीं उठाते हैं। एससी साहब या तो सुधर जाओ, अन्यथा दूसरी तरह से सुधार करना आता है, क्योंकि अब हालात ये हो गए हैं कि लोग हम पर लाठी उठाना शुरू कर देंगे। जिला ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में लोगों की समस्याओं को सुनने आए हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल के समक्ष होडल से विधायक व हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम के चेयरमैन जगदीश नायर ने अपना रोना रोया।
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दरअसल, अकेले जगदीश नायर ही ऐसे विधायक नहीं थे, जिन्होंने कमेटी में जिले के अधिकारियों द्वारा की जा रही अपनी उपेक्षा का रोना रोया, बल्कि पलवल से विधायक दीपक मंगला तथा हथीन से विधायक प्रवीण डागर ने भी अधिकारियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। विधायकों के अलावा जिला भाजपा अध्यक्ष चरण सिंह तेवतिया तथा बैठक में मौजूद पूर्व विधायक व भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी अधिकारियों द्वारा की जा रही उपेक्षा बताई।
अपनी उपेक्षा के आरोप सुनने के बाद अब जिले के लोग भाजपा के तीन विधायक बनाने के बाद भी अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। कुछ लोग तो विधायकों की इन बातों को सुनकर सोशल मीडिया पर यह मुहावरा की ‘अब तेरी कौन सुने हल जोता’ पोस्ट कर चुस्की ले रहे हैं। शुक्रवार को जिला ग्रीवेंस कमेटी की बैठक आम लोगों की समस्याओं को निपटाने के बजाय भाजपा के विधायकों व कार्यकर्ताओं की शिकायत का ही केंद्र बनकर रह गई। भाजपा विधायकों व कार्यकर्ताओं द्वारा अपनी उपेक्षा को लेकर शिकायतों की ऐसी झड़ी लगाई कि बैठक में रखी गईं 14 में से मात्र 8 शिकायतों का ही निपटारा हो पाया।
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बैठक शुरू होते ही भड़क गए विधायक नायर
लघु सचिवालय में शुक्रवार को जैसे ही जिला ग्रीवेंस कमेटी की बैठक शुरू हुई, तभी होडल से विधायक जगदीश नायर अधिकारियों पर भड़क गए। उन्होंने लोगों की शिकायतें सुनने से पहले ही बिजली विभाग के अधीक्षक अभियंता व अन्य कनिष्ठ अधिकारियों पर विधायकों की उपेक्षा के आरोप लगाने शुरू कर दिए। नायर का कहना था कि जिले में बिजली की समस्या विकट बनी हुई है। लोगों की समस्याओं व शिकायतों को दूर कराने के लिए जब भी वे अधिकारियों के पास खासकर अधीक्षक अभियंता के पास फोन करते हैं तो वे फोन तक नहीं उठाते हैं। उन्होंने जिले में मुख्यमंत्री व बिजली मंत्री के आदेश के बाद भी खुले दरबार न लगाने के भी आरोप लगाए। उनका कहना था कि आगे लोग उनके कपड़े फाड़ें या लाठियां लेकर उनके पीछे दौड़ें, उससे पहले वे अब अधिकारियों का इलाज करना शुरू कर देंगे। विधायक नायर को इस तरह से भड़कते देख मंत्री बनवारी लाल व उपायुक्त ने शांत कराया।
400 मीटर का टुकड़ भी नहीं बनाया : दीपक मंगला
विधायक दीपक ने कहा कि मंत्री जी विधायक नायर साहब ठीक कह रहे हैं। ये बिजली विभाग के अधिकारी न तो फोन उठाते हैं और न ही संतोषजनक जवाब देते हैं। उन्होंने लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों की शिकायत करते हुए कहा कि एक सड़क बनानी थी, लेकिन बीच में 400 मीटर का टुकड़ा बिना बनाए छोड़ दिया। जिसके बारे में उनके द्वारा कई बार कहा जा चुका है, लेकिन अधिकारी बिलकुल नहीं सुनते हैं। लोगों को जवाब उन्हें देना पड़ता है। क्षेत्र में पीने के पानी की समस्या बनी हुई है, उस पर भी अधिकारियों का ध्यान नहीं है।
विधायक की शिकायत सुनते ही उपायुक्त ने उनकी तरफ इशारा कर शांत रहने को कहा तथा आश्वासन दिया कि जल्द समस्या दूर करा दी जाएगी। उसके बाद ही विधायक शांत हुए। विधायक मंगला ने तो सोहना रोड पर स्थित टंकेश्वर मंदिर का मामला अदालत में विचाराधीन होने के बावजूद कुछ लोगों द्वारा जबरन निर्माण करने का आरोप लगाते हुए उसे रुकवाने को भी कहा।
नहीं मिल रहा गरीबों को समय पर राशन : प्रवीण डागर
हथीन के विधायक प्रवीण डागर ने बैठक में मंत्री बनवारी लाल से शिकायत की कि राशन डिपो संचालकों द्वारा गरीब लोगों को समय पर राशन वितरित नहीं किया जाता। अधिकारियों से कहने के बावजूद उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगती है। बार-बार कहने पर भी विधायकों की नहीं सुनी जा रही है तो आम लोगों की क्या सुनी जाएगी।
बिजली विभाग का है बुरा हाल : जिलाध्यक्ष
भाजपा के जिलाध्यक्ष भी विधायकों से पीछे नहीं रहे। वे भी बैठक में खड़े हो गए तथा बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकालनी शुरू कर दी। उनका आरोप भी यही था कि बिजली विभाग के अधिकारी सुनते नहीं है। लोगों की समस्याएं दूर नहीं होती हैं। उन्होंने भी उपेक्षा का आरोप लगाया।
उपायुक्त पर मुकदमा दर्ज कराओ या हम पर: बार
बार एसोसिएशन के प्रधान दीपक चौहान ने बैठक में कहा कि मंत्री जी, या तो उपायुक्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दो या हमारे ऊपर। हमारे द्वारा सारे पैसे जमा कराने के बाद भी बार के चैंबरों में लिफ्ट नहीं लगवाई जा रही है। उपायुक्त से बार-बार कहने के बाद भी कोई समाधान नहीं हो रहा है। अपनी तरफ तो सारी सुविधाएं करवा दी हैं, लेकिन वकीलों की तरफ सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जल्द समस्याएं दूर नहीं हुईं तो जवाबदेही प्रशासन की होगी।
जिले में तैनात अधिकारी स्पष्ट सुन लें। या तो अपनी हद में रहकर लोगों की समस्याओं को दूर करना शुरू कर दें और विधायकों के फोन उठाना शुरू कर दें। अन्य ऐसे अधिकारियों का इलाज किया जाएगा। जिले में अधिकारी ठीक से कार्य करना शुरू कर दें।
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- डॉ. बनवारी लाल, सहकारिता मंत्री हरियाणा
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