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Palwal News: यूजीसी के नए नियमों के विरोध में बाजार बंद, आंदोलन की चेतावनी

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सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक चला प्रदर्शन, करीब दो हजार लोग हुए शामिल
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संवाद न्यूज एजेंसी


पलवल।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) में किए गए बदलावों के विरोध में सोमवार को शहर आंदोलन के रंग में नजर आया। स्वर्ण समाज के विभिन्न संगठनों और व्यापार मंडल के आह्वान पर बाजार बंद रहे। मीनार गेट के मुख्य बाजार में धरना देकर विरोध जताया गया। सुबह करीब आठ बजे शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर तीन बजे तक चला। प्रदर्शन में करीब दो हजार लोग शामिल हुए, जिनमें महिलाएं भी शामिल रही। मंच से वक्ताओं ने सरकार से यूजीसी के नए नियमों पर पुनर्विचार कर उन्हें वापस लेने की मांग की। साथ ही मांगें नहीं माने जाने पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।

प्रदर्शन के दौरान मीनार गेट क्षेत्र में मंच बनाकर वक्ताओं ने केंद्र सरकार और यूजीसी के खिलाफ नारेबाजी की। हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे लोगों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े किसी भी नियम को लागू करने से पहले सभी पक्षों से व्यापक चर्चा होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नए प्रावधानों को लेकर समाज के एक वर्ग में आशंका है और भविष्य में इनके दुरुपयोग की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
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राजनीतिक दलों से लेकर सामाजिक संगठनों के लोग पहुंचे

धरने में जिला ब्राह्मण सभा युवा के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के मुख्य आयोजक अमन भारद्वाज, करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल (अम्मू), पृथला विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक नयनपाल रावत, जिला व्यापार मंडल प्रधान बलराम गुप्ता, प्रदेश संगठन मंत्री प्रवीण गर्ग, शहरी अध्यक्ष विनोद जैन, रेडीमेड एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र गर्ग उर्फ अन्नू, जिला ब्राह्मण सभा अध्यक्ष विनोद शर्मा, नगर परिषद के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष रमेश ठाकुर और शंभू पहलवान सहित विभिन्न सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। कई राजनीतिक दलों के नेताओं, पूर्व सैनिकों और समाजसेवियों ने भी मंच से अपनी बात रखी।

प्रदर्शनकारियों ने कहा- किसी वर्ग के खिलाफ नहीं

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन किसी जाति, वर्ग या समुदाय के खिलाफ नहीं है। उनका उद्देश्य समानता, निष्पक्षता और नागरिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। पूर्व विधायक नयनपाल रावत ने कहा कि यह आंदोलन अभी शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने यूजीसी के बदलाव वापस नहीं लिए तो आंदोलन को दिल्ली तक ले जाया जाएगा।



बैरिकेडिंग से लोगों को हुई परेशानी

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मीनार गेट और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर यातायात को डायवर्ट किया गया। इससे शहर के कुछ हिस्सों में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एसपी दीप्ति गर्ग के निर्देश पर डीएसपी नरेंद्र खटाना की देखरेख में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। इसके साथ ही नूंह एसपी की भी विशेष ड्यूटी लगाई गई थी।
अम्मू-नयनपाल रावत में नोकझोंक
प्रदर्शन में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू और पृथला विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक नयनपाल रावत के बीच मंच पर बोलने को लेकर नोकझोंक हो गई। आयोजकों ने अम्मू को बोलने से रोकने के लिए माइक ले लिया, जिससे वह नाराज होकर चले गए। वहीं, नयनपाल रावत ने कहा कि कार्यक्रम किसी व्यक्ति विशेष का नहीं था और सभी लोग राजनीति से ऊपर उठकर समाज की लड़ाई के लिए पहुंचे थे।


प्रदर्शनकारियों से बातचीत

यूजीसी के नए नियमों को लेकर समाज में कई सवाल और आशंकाएं हैं। सरकार को सभी पक्षों से बातचीत कर नियमों पर पुनर्विचार करना चाहिए। -अमन भारद्वाज, मुख्य आयोजक

हमारी मांग समानता और निष्पक्षता से जुड़ी है। सरकार को लोगों की भावनाओं को गंभीरता से लेते हुए नियमों पर विचार करना चाहिए।
-सूरजपाल अम्मू, करणी सेना, राष्ट्रीय अध्यक्ष

व्यापारियों ने बाजार बंद का समर्थन कर अपनी एकजुटता दिखाई है। बाजार बंद रखकर शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक बात पहुंचाई। -बलराम गुप्ता, जिला व्यापार मंडल प्रधान
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शिक्षा से जुड़े नियमों का असर विद्यार्थियों पर पड़ता है। ऐसे फैसलों परचर्चा जरूरी है। सरकार को प्रदर्शनकारियों की मांग सुननी चाहिए। -नयनपाल रावत, पूर्व विधायक, पृथला
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