पलवल। जिले में इस वर्ष मई माह तक 339 घरों में मलेरिया के लार्वा मिलने की पुष्टि हुई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। विभाग ने सोमवार को सभी मकान मालिकों को नोटिस जारी कर दिए हैं। साथ ही उन घरों के आसपास भी जांच शुरू करा दी है। इसके अलावा मलेरिया और डेंगू से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने बताया कि जिले में डेंगू संभावित क्षेत्रों की सूची तैयार कर ली गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा एंटी लार्वा संबंधित जरूरी गतिविधियां करवाई जा रही हैं। इसके तहत एक सघन कार्यक्रम ‘पानी ठहरेगा जहां, मच्छर पनपेगा वहां’ चलाया जा रहा है। इस वर्ष मई तक 339 घरों में मलेरिया के लार्वा मिलने की पुष्टि हुई है। बारिश होने के बाद मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है। बारिश का पानी जहां भी जमा हो जाता है, वहां पर मलेरिया और डेंगू फैलाने वाले मच्छर अंडे देने शुरू कर देते हैं। इससे मच्छरों की ज्यादा बढ़ोतरी हो जाती है और बीमारी फैलने की आशंका भी बढ़ जाती है। इसलिए लोग घरों और दफ्तरों के आसपास पानी एकत्रित न होने दें। अगर पानी के निकास की सुविधा न हो तो उसमें काला और मिट्टी का तेल डाल दें।
इस वर्ष डेंगू के मामलों में आई काफी कमी
वर्ष 2020 की तुलना में मलेरिया और डेंगू के मामलों में काफी कमी आई है। ऐसा स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता के कारण बताया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर जांच कर रही है। लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ बुखार आने पर कोविड-19 की जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पलवल के सभी डेंगू संभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें कार्य कर रही है।
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मई तक 46 हजार लोगों के रक्त के नमूने लिए
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, मई माह तक 46 हजार 492 लोगों के रक्त के नमूने लिए जा चुके हैं। जांच के दौरान होडल ब्लॉक में मलेरिया का एक मरीज मई में निकला था। अब मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। अब तक डेंगू के एक भी मामले सामने नहीं आए हैं। फिर भी जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य कर रहा है। मई माह तक 17 हजार, 670 से ज्यादा घरों में डेंगू के लार्वा की जांच हो चुकी है। पलवल के सभी 32 वार्डों में नगर परिषद के साथ मिलकर फॉगिंग करवाई जा रही है।