कूड़े में लगा रहे आग, अधिकारी बेखबर
प्रवीण बैंसला
पलवल। नगर परिषद पलवल ने सफाई का ठेकेदार तो बदल दिया, लेकिन कूड़ा निस्तांरण का तरीका अब भी पुराना है। विभिन्न स्थानों पर कूड़े के ढेर में आग लगा दी जाती है, जिससे धुआं पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है। राजमार्ग के किनारे रखे ज्यादातर कूड़ेदानों से धुआं उठता रहता है, लेकिन कोई अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। सफाई के नाम पर प्रति माह लाखों खर्च करने के बाद भी शहर की हालत बद से बदतर है।
स्वच्छता सर्वेक्षण में पलवल की स्थिति प्रदेश में सबसे खराब आने के बावजूद भी परिषद के अधिकारी सबक नहीं ले रहे हैं। पिछले कई वर्षों से पलवल स्वच्छता सर्वेक्षण में सबसे फिसड्डी रहा है। प्रति माह 35 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। अब परिषद ने पिछले माह ठेकेदार को बदल दिया है। फिर भी कूड़ा जलाने का सिलसिला जारी है। इसका मुख्य कारण गंदगी का न उठना भी है। हालांकि, एनजीटी ने कूड़ा जलाने पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं, लेकिन लोगों में आदेशों की कोई परवाह नहीं है। शहर में पुराना कोर्ट और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाल के सामने, महर्षि दयानंद आगरा चौक, रसूलपुर चौक, ओमेक्स सिटी के सामने कूड़े को निरंतर जलाया जा रहा है। लेकिन, अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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समय पर कूड़ा न उठने के कारण लोग उसमें आग लगा देते हैं। धुएं से पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है। वहीं, दुर्घटनाओं का भी डर बना रहता है। नगर परिषद की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। - आचार्य राम कुमार शास्त्री, प्रधान, पर्यावरण सचेतक समिति
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केवल दो माह के लिए नया ठेका छोड़ा गया है। सफाई के निर्धारित टेंडर की मंजूरी के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। टेंडर मंजूरी होने के बाद आधुनिक मशीनों और वाहनों के जरिये घर-घर से कूड़ा उठाने का कार्य किया जाएगा।
- मोनिका गुप्ता, आयुक्त जिला नगर परिषद