परीक्षा परिणाम में फिसड्डी रहने वाले स्कूली की सूची मांगी
हथीन। बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम देने में विफल रहे राजकीय स्कूलों पर शिक्षा विभाग अब सख्त हो गया है। मुख्यालय ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर उन सभी स्कूलों की सूची मांगी है, जिनका परीक्षा परिणाम सबसे कमजोर रहा। साथ ही विभाग ने जिस विषय का रिजल्ट खराब आया है उसके अध्यापक का भी ब्योरा मांगा है। इससे वे टीचर तनाव में हैं जिनकी कक्षा में दो-चार बच्चे ही पास हुए हैं। वैसे गणित, साइंस और अंग्रेजी का परिणाम सबसे कमजोर रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी ने आगे सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर पूरा ब्योरा भेजने को कहा है।
22वें नंबर पर रहा पलवल जिला 12वीं के रिजल्ट में
12वीं कक्षा का रिजल्ट इस बार 10वीं से भी ज्यादा खराब आया है। 12वीं के परिणाम में पलवल जिले के 10617 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से मात्र 6325 ही पास हुए थे। पलवल जिला पूरे प्रदेश में 12वीं के रिजल्ट में 22वें नंबर पर था। इससे शिक्षा विभाग की काफी किरकिरी हुई थी। 10वीं के रिजल्ट में पलवल जिला जहां 10वें स्थान पर रहता था वहीं इस बार पलवल पूरे प्रदेश में 17वें नंबर पर रहा है। 10वीं की परीक्षा में पलवल जिले में कुल 20 हजार 611 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से मात्र 10 हजार 593 छात्र-छात्राएं पास हो पाए।
अव्वल रहने वाले स्कूल होंगे सम्मानित
अधिकारियों की मानें तो जिन राजकीय स्कूलों का 10वीं और 12वीं का परिणाम शत प्रतिशत आया है उनके नाम भी मुख्यालय से मांगे गए हैं। ऐसे स्कूलों और इनके टीचरों को शिक्षा विभाग सम्मानित करेगा। सम्मानित करने के पीछे टीचरों को प्रोत्साहित करना है। साथ ही दूसरे स्कूलों के टीचरों को इनसे प्रेरणा भी मिलेगी, जिससे कि अगली बार वे अच्छा प्रदर्शन कर सकें।
जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम काफी खराब आया है उनकी लिस्ट मांगी गई है। रिजल्ट की लिस्ट सब्जेक्ट और टीचरों के अनुसार मांगी गई है। टीचरों से पूछा गया है कि उनका परिणाम इतना खराब क्यों आया है। इसके अलावा शत प्रतिशत परिणाम देने वाले स्कूलों को भी सम्मानित किया जाएगा। - अशोक बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी