बैठने की बदले एक लाख रुपये रिश्वत मांगने का लगाया आरोप
तबादला करने के लिए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और राजस्व मंत्री को लिखित शिकायत भेजी
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। हसनपुर स्थित उप तहसील परिसर में अधिवक्ताओं और टाइपिस्टों के बैठने की सीटों को लेकर विवाद बना हुआ है। मामले में अधिवक्ताओं ने नायब तहसीलदार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। इसको लेकर अधिवक्ताओं ने उनका तबादला करने व कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और राजस्व मंत्री को लिखित शिकायत भेजी है। विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता अपने हाथों में भ्रष्टाचार बंद करो व रिश्वत खोरी बंद करने के पोस्टर लेकर उप तहसील कार्यालय के गेट के बाहर बैठे।
अधिवक्ता मोहित वशिष्ठ, सौरभ कुमार, नरेंद्र चौहान, हेमंत कुमार, मनोज, देवेंद्र, तोताराम, सतीश, सुरेंद्र, दीपक कुमार, रामेश्वर आदि ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में बताया कि सरकार द्वारा हसनपुर मेंं उप तहसील कार्यालय के लिए नई इमारत का निर्माण कराया गया है। इसमें 11 दिसम्बर 2025 को कार्यालय स्थानांतरित हुआ है। तहसील परिसर में कार्य करने वाले अधिवक्ता एक साइड में बैठे हुए हैं। अधिवक्ताओं ने नायब तहसीलदार दलबीर सिंह दुग्गल पर कथित आरोप लगाया है कि वह तहसील परिसर में बैठने की एवज में उनसे एक लाख रुपये देने की मांग कर रहे हैं और पैसे ना देने की सूरत में वकीलों की मेज कुर्सियां तहसील से बाहर फेंकने की धमकी देते हैं।
अधिवक्ताओं ने शिकायत में बताया है कि उप तहसील कार्यालय में रिश्वतखोरी व भ्रष्टाचारी पूरे चरम पर है। यहां के अधिकारी व कर्मचारी सरकार के नियमों की जमकर धज्जियां उडाकर अपनी मनमानी करते है। आरोप है कि यहां अधिकारी व कर्मचारी सोमवार और बृहस्पतिवार को मात्र 2 से 3 घंटे के लिए आते हैं और रजिस्टरी बैयनामा व अन्य कार्यों के लिए रिश्वत के पैसे इकट्ठा करके ले जाते है। उप तहसील हसनपुर में अधिकारी व कर्मचारियों की कार्यशैली से सरकार की छवि पूरी तरह धूमिल हो रही है। सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का जनता को कोई लाभ नहीं दिया जा रहा है।
नायाब तहसीलदार ने आरोपों को बताया झूठा
अधिवक्ताओं ने इस मामले में कार्रवाई करने और नायब तहसीलदार का दूसरी जगह तबादला किए जाने की मांग की है। उधर नायब तहसीलदार दलबीर सिंह दुगगल ने अधिवक्ताओं के आरोपों को पूरी तरह से झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के आरोप निराधार हैं।
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होडल बार एसोसिएशन के प्रधान कपिल सौरोत का कहना है कि तहसील कार्यालय के बाहर बैठने की सीटों को लेकर अधिवक्ताओं और नायब तहसीलदार के बीच विवाद है। वह फिलहाल बाहर हैं। अधिवक्ताओं के साथ मीटिंग करने के बाद मामले को सुलझा लिया जाएगा।