- हड़ताल से आम लोगों को हो रही परेशानी, नहीं हो पा रहे अदालती कामकाज
- जिला सचिवालय पर ग्रामीण भी दूसरे दिन धरना देकर बैठे रहे, अब मामले की जांच नूंह एसपी करेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गांव पातली में स्थित देह शामलात की जमीन पर निर्माण करने को लेकर हुई गोलीबारी के मामले ने बृहस्पतिवार को भी वकील व ग्रामीण पुलिस-प्रशासन के खिलाफ धरना देकर बैठे रहे। वकील जहां अदालत परिसर में हड़ताल कर धरने पर बैठे हैं, वहीं ग्रामीण जिला सचिवालय पर धरना देकर बैठे हैं। हालांकि मुवक्किलों की परेशानी को देखते हुए बृहस्पतिवार को वकीलों ने अदालत परिसर का गेट खोल दिया। वकील अभी भी एसपी के तबादले की मांग पर अड़े हैं। वहीं, ग्रामीण अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
गांव पातली में एक देह शामलात जमीन है। उस जमीन पर बीती छह जनवरी को अवैध निर्माण करने को लेकर ग्रामीणों व एक अन्य पक्ष के बीच विवाद हो गया था। उस विवाद में पहले ईंट व पत्थर फेंके गए, इसके बाद करीब 70 से 80 राउंड गोलियां चलाई गईं। इस मामले में ग्रामीण पक्ष की तरफ से कुछ वकीलों सहित दो दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमा दर्ज करने के दो-तीन दिन बाद दो वकीलों को गिरफ्तार भी कर लिया था। इस मामले को लेकर वकील 30 जनवरी से हड़ताल पर बैठे हैं।
अब नूंह एसपी करेंगे जांच
इस मामले में अब नूंह एसपी जांच करेंगे। मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस महानिदेशक ने जांच नूंह एसपी को सौंपते ही पलवल से फाइल नूंह भिजवा दी है। पूर्व अध्यक्ष सुनील डागर ने बताया कि पलवल एसपी राजनीति कर रहे हैं। एसपी ने ही ग्रामीणों को उकसा कर धरने पर बैठाया है, लेकिन वकीलों पर इसका कोई असर नहीं है। वकीलों का आंदोलन एसपी के खिलाफ लगातार जारी रहेगा। प्रधान रविंद्र चौहान, पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र तेवतिया, राज कुमार तेवतिया, विक्रम वशिष्ठ, शिव नारायण तेवतिया सहित अन्य वकीलों ने भी पलवल के एसपी पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मुवक्किलों की परेशानी को देखते हुए गेट खोल दिया है, लेकिन धरना व हड़ताल जारी रहेगी।
जिला सचिवालय पर बैठे रहे ग्रामीण
बृहस्पतिवार को भी ग्रामीण सुबह नौ बजे जिला सचिवालय पर पहुंच गए व धरना देना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने नारेबाजी की और पुलिस से अन्य सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। सरपंच विपिन, वेदपाल, कृपाल सूबेदार, शिवराम, राजेंद्र, शिबू ठेकेदार, जय प्रकाश, नकुल, लखन सिंह, संतोष कुमार आदि ने कहा कि पुलिस आरोपी वकीलों के लाइसेंस रद्द कराए। भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए। देह शामलात की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री को खारिज किया जाए। वकालत की आड़ में गुंडागर्दी करने वाले वकीलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। अदालत में वकीलों की हड़ताल से लोगों को परेशानी हो रही है। केसों में जज तारीख लगा रहे हैं, क्योंकि वकील पेश नहीं हो रहे हैं। बुधवार को तो लोगों को भी अदालत में नहीं जाने दिया। इसका समाधान होना चाहिए।
मैं औरंगाबाद से आया हूं। मेरी तारीख है। लेकिन वकीलों की हड़ताल के चलते तारीख आगे की लगा दी गई है। वकील अदालत में नहीं जा रहे हैं। बहुत परेशानी हो रही है। - नवीन मित्रोल