फर्जी इकरारनामा तैयार कर धोखाधड़ी करने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में शहर थाना पुलिस ने इस्तगासा के आधार पर दिल्ली पुलिस के एक कर्मचारी सहित चार लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुराना बदरपुर रोड नई दिल्ली निवासी हरज्ञान ने अदालत में दायर की गई इस्तगासा में कहा है कि आल्हापुर गांव में उनकी कृषि योग्य जमीन है। जमीन उनके भाई संपत सिंह व पत्नी मुन्नी देवी के नाम पर भी है।
हरज्ञान के अनुसार इसमें से 44 कनाल चार मरला जमीन का सौदा उन्होंने नौ लाख 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से गुड़गांव स्थित डीएलएफ फेस-चार निवासी अमृत लाल के साथ तय कर दिया। उन तीनों ने 18 दिसंबर 2004 को अमृत लाल के साथ बैनामा लिख दिया। बैनामा में रजिस्ट्री की तारीख 25 मई 2005 तय की गई।
आरोप है कि जिस समय इकरारनामा किया गया उस समय अमृत लाल का बेटा शिव कुमार भी उनके साथ था। शिव कुमार दिल्ली पुलिस में एएसआई है।
इकरारनामा के साथ ही नौ लाख 20 हजार रुपये बतौर अग्रिम राशि ले लिए थे। जब वे तय समय 25 मई 2005 को सभी कागजात लेकर रजिस्ट्री कराने के लिए पलवल तहसील कार्यालय में पहुंचे तो वहां अमृत लाल आदि नही आए।
उस दिन अमृत लाल की तरफ से उन्हें अदालत का एक सम्मन दिया गया। इससे पता चला कि अमृत लाल आदि ने उनकी 82 कनाल 10 मरला जमीन का फर्जी इकरारनामा अपने लड़के सुशील के नाम कर लिया है। जब उन्होंने इस बारे में अमृत लाल से बात की तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
थाना शहर पुलिस ने अदालत के आदेश पर दिल्ली पुलिस कर्मचारी शिव कुमार, अमृत लाल, सुशील व के.जी. मार्ग दिल्ली निवासी कृष्ण कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।