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Palwal News: पलवल में पिछले साल से भी ज्यादा गर्म रहा नौ जून

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दोपहर में सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा और बाजारों में रौनक रही गायब
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निशांत पटेल
पलवल। गर्मी ने सोमवार को शहरवासियों की परीक्षा ले ली। बीते साल की तुलना में इस साल नौ जून को तापमान और ज्यादा चढ़ गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पार पहुंच गया जबकि न्यूनतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह 10 बजे से ही तापमान 38 डिग्री तक पहुंच गया और तेज धूप के कारण लोग घरों में ही कैद होकर रह गए। दोपहर के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और बाजारों में भी रौनक गायब रही। ज्यादातर लोगों ने दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से परहेज किया।
पिछले साल यानी 2024 में 9 जून को अधिकतम तापमान 43.58 डिग्री और न्यूनतम 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि इस बार तापमान उससे भी ऊपर चला गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार सोमवार को नमी स्तर 23 प्रतिशत रहा, वहीं गर्म हवा की रफ्तार 13 किलोमीटर प्रति घंटा रही। वहीं, शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 133 रहा, जो मध्यम श्रेणी में आता है। हालांकि, इस गर्मी में एक्यूआई अपेक्षाकृत कम ही रहा, परंतु गर्म हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया।
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मानसून के दौरान भीषण गर्मी का संकेत
इस बार नौतपा का असर फीका रहा। 25 मई से 8 जून तक चलने वाले नौतपा के दौरान मौसम विभाग ने तीव्र गर्मी और लू के हालात बनने का अनुमान जताया था, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियों की शुरुआती हलचलों के कारण उतनी भीषण गर्मी नहीं पड़ी जितनी हर साल पड़ती है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार सिर्फ अंतिम दो दिन ही तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार का अपेक्षाकृत कम गर्म नौतपा मानसून के दौरान भीषण गर्मी का संकेत हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून के सक्रिय रहने के बावजूद इस साल जुलाई और अगस्त में भी तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है।
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भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट, अस्पताल में बढ़े मरीज
होडल। क्षेत्र में एक महीने बाद एक बार फिर से गर्मी ने लोगों को अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। गर्म हवाएं व चिलचिलाती धूप से लोग बेचैन हो जा रहे हैं। वहीं, भीषण गर्मी के बीच बिजली का संकट और ज्यादा लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। वहीं, अस्पताल में मरीजों की संख्या में भई इजाफा देखने को मिल रहा है। उमस भरी गर्मी ने छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। गर्मी के कारण उल्टी-दस्त, डायरिया, बुखार और जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उपमंडल अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। डॉक्टरों के अनुसार, गंदा पानी और खानपान की गड़बड़ी बीमारियों का कारण बन रही है। लोग अब मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार अगले दो हफ्ते तक बारिश की संभावना नहीं है। गर्मी ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है।
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