संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। हादसों में घायल गोवंश का उपचार न कराने और मौत होने पर संस्कार न कराने से गुस्साए गो रक्षकों ने मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय पलवल के बाहर प्रदर्शन किया। गो रक्षकों ने मृत गोवंश को कार्यालय के सामने रख पुराना जीटी रोड को जाम कर दिया। इस दौरान वाहनों की लंबी कतार लग गई। गो रक्षकों ने नगर परिषद अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। आधा घंटा नारेबाजी के बाद नगर परिषद चेयरमैन डॉ. यशपाल व कार्यकारी अधिकारी सुनील कुमार रंगा मौके पर पहुंचे और गो रक्षकों को आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद गो रक्षकों ने जाम खोल दिया और गोवंश को संस्कार के लिए ले जाया गया।
गो रक्षक दल के सदस्य मंगलवार सुबह करीब 10 बजे टैंपों में मृत गोवंश को लेकर नगर परिषद कार्यालय पर पहुंचे। उन्होंने गोवंश को नगर परिषद कार्यालय के मुख्य द्वारा डाल दिया और टैंपो को पुराना जीटी रोड पर खड़ा कर जाम कर दिया। इस दौरान रोड पर वाहनों की कतार लग गई। वाहन वापस मुड़कर वैकल्पिक रास्तों से निकलने लगे। गो रक्षकों को देख नगर परिषद कर्मचारियों ने गेट का ताला दिया। गो रक्षकों ने गेट पर नारेबाजी शुरू कर दी। गो रक्षक दल के सदस्य शैलेंद्र, प्रवीण कुमार, भीम, विक्रम, संजय पंडित व सतीश ने बताया कि वे पिछले 10-12 साल से गोसेवा का कार्य कर रहे हैं। सड़कों पर घूमते गोवंश के कारण लोग हादसों का शिकार होते हैं। नगर परिषद पलवल पर आज तक दुर्घटनाओं में घायल हुए गोवंश के उपचार के लिए कोई व्यवस्था है और न ही गोवंश की मौत होने पर उनके संस्कार की कोई व्यवस्था है। गोवंश की मौत होने पर परिषद द्वारा उसे हटाने के लिए जेसीबी मशीन नहीं भेजी जाती। विधायक के पास फोन करने पड़ते हैं।
करीब आधा घंटा रोड जाम होने के बाद नगर परिषद के चेयरमैन डॉ.यशपाल, वाइस चेयरमैन मनोज बंधू व कार्यकारी अधिकारी सुनील रंगा मौके पर पहुंचे और गोरक्षकों को समझाने का प्रयास किया, परंतु वे नहीं माने। चेयरमैन डॉ. यशपाल ने आश्वासन दिया कि हादसों में घायल गोवंश के उपचार की व्यवस्था की जाएगी। मौत होने पर गोवंश का संस्कार किया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।