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कैप्शन: विद्यालय भवन निर्माण में बरती गई अनियमितताओं की नही हुई जांच ,पांच माह से अधर में लटकी जांच
- पांच माह से लटकी है
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। नाबार्ड के तहत खंड के गांव गहलब में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के भवन निर्माण में बरती गईं अनियमितताओं की जांच को लेकर विभाग के उच्च अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। निदेशक शिक्षा सदन पंचकूला द्वारा गठित जांच कमेटी ने विद्यालय का 16 अक्तूबर को निरीक्षण करके मैटेरियल के सैंपल एकत्रित किए थे। जांच कमेटी में हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद समग्र शिक्षा विभाग के सैय्यद मोहम्मद अकरम एसडीओ नूंह, सुनील कुमार जेई बल्लभगढ़, शीतल जैन जेई होडल, अमनदीप विश्नोई जेई पंचकूला शमिल थे।
इसके अलावा जिला उपायुक्त नेहा सिंह ने शिकायत की जांच के लिए पलवल के एडीसी साहिल गुप्ता को 11 अक्तूबर 2023 को निर्देश दिए थे। एडीसी ने शिकायत की जांच के लिए हथीन एसडीएम लक्ष्मी नारायण को कमेटी गठित करने के आदेश दिए थे। जिस पर एसडीएम ने नायब तहसीलदार, बीडीपीओ, बीईओ, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ सिविल कंस्ट्रक्शन व बिजली के पांच सदस्यों की जांच कमेटी गठित की थी। उक्त जांच टीम के साथ एसडीएम ने भी विद्यालय के भवन का निरीक्षण किया था, लेकिन, साढ़े तीन महीने बाद भी जांच कमेटी ने कोई भी जांच रिपोर्ट सब्मिट नहीं की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारी ठेकेदार से मिलीभगत करके मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। शिकायत के पांच महीने बाद भी विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
उल्लेखनीय है कि विद्यालय के निर्माण में बरती गईं अनियमितताओं की शिकायत गजराज सिंह ने जिला उपायुक्त एवं समग्र शिक्षा पंचकूला के निदेशक से की थी। शिकायत के अनुसार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गहलब के भवन का निर्माण लगभग चार करोड़ 90 लाख रुपये से समग्र शिक्षा द्वारा कराया गया है। टेंडर व एप्रूव्ड ड्राइंग के अनुसार ग्राउंड फ्लोर, प्रथम तल, द्वितीय तल और तृतीय तल के निर्माण के लिए बजट मंजूर हुआ था। लेकिन, मौके पर सेकंड फ्लोर तक ही निर्माण कराया गया। इसके अलावा भवन निर्माण में प्रयोग की गई सामग्री में भी बड़े स्तर पर अनियमितताएं बरती गई हैं। भवन में मिट्टी की भराई नियमों के विरुद्ध करके की गई।
छत पर तारकोल की लेयर नहीं डाली है। फर्श और दीवारों पर लोकल कंपनी की टाइलें लगाई गई हैं। ग्राउंड फ्लोर के कॉरिडोर में कोटा स्टोन की जगह लोकल कंपनी की टाइल्स लगाई गई हैं। भवन में बनाए गए एक्सपेंशन ज्वाइंट को मसाले से परमानेंट भर दिया गया है और छत पर ईंटों को चिनाई करके ढक दिया गया है। जिससे भूकंप आने की स्थिति में भवन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। इसके अतिरिक्त साइट पर मटेरियल टेस्टिंग लैब भी स्थापित नहीं की गई है। समग्र शिक्षा के कार्यकारी अभियंता भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच एडीसी पलवल कर रहे हैं। जांच के बाद जो भी रिपोर्ट आएगी उसके बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।