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बढ़ता तापमान खेती के लिए नुकसानदायक

Tue, 23 Feb 2016 10:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पलवल
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कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में एकाएक आई गर्मी व बढ़ता तापमान खेती के लिए नुकसानदायक है। इसके अलावा चेंपा व मौसमी कीट भी फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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कृषि विशेषज्ञ डॉ. महावीर मलिक का कहना है कि मौसम में तापमान अधिक होने से गेहूं की फसल में ठीक से फुलाव नहीं आ पाता है और दाना भी कमजोर रह जाता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि ऐसे में फसल पर हल्की सिंचाई करें और सिंचाई उस समय करें, जब हवा तेज न हो। क्योंकि तेज हवा में बालियों के गिरने का खतरा बना रहता है।
 
मलिक ने कहा कि मौसम गर्म होने से गेहूं की फसल में पीला रतुआ के अनुकूल परिस्थितियां बनती जा रही हैं। पत्ती हरी होगी तो अनाज फसल में उपज ज्यादा होगी। पीला रतुआ की पहचान बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें फसल के नजदीक से निकलने पर कपड़ों पर पीले दाग आ जाते हैं। पीला रतुआ से बचाव के लिए कीटनाशक दवा मेलाथीन 200 मिलीलीटर 200 लीटर में पानी में मिलाकर इसका छिड़काव करें। छिड़काव की यही प्रक्रिया 10 दिन बाद दोबारा अपनाएं।
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इसके अलावा गेहूं की फसल में काला कंडुआ (खुली कांगियारी) भी दिखाई दे सकता है। यह बीज जनित बीमारी है। इसमें बालियों पर गेहूं के दाने की जगह काला पाउडर भर जाता है। जो कि स्वत: ही दूर से दिखाई पड़ता है। अगर इन्हें बाहर ना निकाला जाए तो यह दूसरी बालियों पर पड़कर उन्हें भी खराब कर सकता है। ऐसी बालियों को कागज के लिफाफों से ढककर सावधानीपूर्वक खेत से निकाल लें व खेत के बाहर दबा दें। अन्यथा यह बीज को भी खराब कर देता है, जिसका असर अगली फसल पर भी पड़ता है।

डॉ. मलिक ने कहा कि आजकल चेंपा मच्छर का भी प्रकोप है। चेंपा गेहूं, सरसों, जौ, धनिया,  मेथी व सेंगरी की फसलों को नुकसान पहुंचाता है। चेंपा के बचाव के लिए मेलाथीन दवा 400 मिलीलीटर 300 लीटर पानी में मिलाकर उसका स्प्रे करें। उनके अनुसार सब्जियों पर दवा का छिड़काव करने के कम से कम चार-पांच दिन बाद सब्जियां तोड़े। बाजार में बेचने से पहले उसकी साफ पानी से धुलाई कर लें।
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