पलवल। जिले में साइबर अपराध के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। अपराधी लोगों को अपने जाल में फंसाकर आए दिन उनके खातों से रुपये उड़ा रहे हैं। पलवल जिले में बढ़ रहा साइबर अपराध पुलिस के लिए भी सिरदर्द बनता जा रहा है। आए दिन कोई न कोई व्यक्ति को ठग निशाने बना रहे हैं। बृहस्पतिवार को पलवल जिले में विभिन्न थानों में नौ लोगों से आरोपियों ने करीब 12 लाख रुपये ठगे लिए। पुलिस ने सभी मामलों में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस प्रवक्ता संजय काद्यान के अनुसार गांव दुर्गापुर निवासी अमरदीप ने सदर थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है कि 21 जनवरी को उसके पास एक फोन आया और कहा कि आपका दोस्त मनोज बोल रहा हूं, मेरा खाता बंद हो गया है, आपके खाते में कुछ रुपये डलवाने हैं। उसने जब डलवाने को कह दिया तो उक्त व्यक्ति ने व्हाट्सअप पर एक मैसेज भेजा। पीड़ित ने जैसे ही उसको खोला, उसके खाते से पांच बार में 53,797 रुपये कट गए। पीड़ित ने जब उस नंबर पर फोन किया तो वह बंद मिला। साइबर सैल की जांच में धोखाधड़ी करने वाले का नाम ईसूब निवासी गोशिंगा जिला भरतपुर (राजस्थान) सामने आया।
मामला नंबर : 2
गांव अटोहां निवासी हरिचंद ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसके पास आरबीएल का क्रेडिट कार्ड है। 16 दिसंबर 2020 को उसके पास कार्ड की लिमिट बढ़ाने के बारे में फोन आया और ओटीपी भेजने को कहा गया। पीड़ित ने जैसे ही ओटीपी भेजा तो कार्ड से 24 हजार रुपये कट गए। साइबर सैल की जांच में धोखाधड़ी करने वाले का नाम लक्ष्मी पत्नी सुरेश निवासी चंदौसी सामभाल सिटी जिला मुरादाबाद (यूपी) सामने आया।
मामला नंबर : 3
गांव अलावलपुर निवासी गुलाब ने चांदहट थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है कि 17 मई 2020 की रात 9 बजे एक फोन आया और फोन करने वाले ने अपना नाम मुकेश व आईसीआईसीआई बैंक का मैनेजर बताया। उक्त व्यक्ति ने पीड़ित से फोन पे का कोड स्कैन करवाया। जिसके बाद उसके खाते से पांच बार में 49 हजार 500 रुपये कट गए।
मामला नंबर : 4
गांव अमरपुर निवासी अमर सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसका खाता गांव स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में है। 6 और 7 मार्च को उसके खाते से दस-दस हजार रुपये निकल गए। उसने तुरंत टोल फ्री नंबर पर फोन कर अपना खाता बंद कराया, जहां से बताया गया कि आपके खाते से एटीएम द्वारा दो बार में बीस हजार रुपये निकाले गए हैं। पीड़ित ने बताया कि रुपये उसके द्वारा नहीं निकाले गए और एटीएम कार्ड भी उसके पास ही रहता है।
मामला नंबर: 5
गांव मीसा निवासी उमेश ने शिकायत दर्ज कराई है कि जनवरी 2020 में जिला कोर्ट में नौकरी के लिए आवेदन किया था। 28 फरवरी को पीड़ित ने इंटरव्यू भी दिया और दस दिसबर को डाक द्वारा ज्वाइनिंग लैटर प्राप्त हुआ। लैटर पर दिए गए नंबर पर पीड़ित ने फोन कर अपना फाइल नंबर मैसेज किया। इसके बाद एक एकाउंट नंबर भेजकर 16 हजार 300 रुपये ट्रेनिंग के लिए, मेडिकल व पुलिस वेरिफिकेशन के 9 हजार 660 रुपये डालने के लिए कहा गया। पीड़ित ने कुल 25 हजार 960 रुपये खाते में डाल दिए। इसके पांच मिनट बाद 10 हजार रुपये और डालने को कहा गया। पीड़ित को शक हुआ और उसने अपने रुपये वापस मांगे। लेकिन उसने देने से मना कर दिया। साइबर सैल की जांच में धोखाधड़ी करने वाले का नाम रकक्ष निवासी हाजीपुर वैशाली (बिहार) सामने आया।
मामला नंबर : 6
पलवल की फ्रेंडस कॉलोनी निवासी कंचन पोसवाल ने कैंप थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है कि 6 अप्रैल को कॉलोनी में किसी ने धोखाधड़ी से उसका एटीएम कार्ड बदल लिया और अलग-अलग जगह से 59 हजार रुपये निकाल लिए।
मामला नंबर: 7
न्यू कॉलोनी निवासी विजय कुमार ने शिकायत दर्ज कराई है कि जवाहर नगर कैंप में उसकी विजय प्रोविजन स्टोर के नाम से दुकान है। कॉलोनी निवासी शिवा व नवीन कुमार ने उसको विश्वास में लेकर कहा कि वह कमेटी शुरू कर रहे हैं। पीड़ित 9 महीने तक किश्त के रूप में एक-एक लाख रुपये देता रहा। बाद में उक्त लोगों ने ठगी करनी शुरू कर दी। पीड़ित ने भी अपने 9 लाख रुपये वापस मांगे तो उक्त लोगों ने उसे और पुत्र को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मामला नंबर : 8
गांव गुदराना निवासी सुंदर सिंह शहर थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है कि 30 मार्च को वह आगरा चौक स्थित एचडीएफसी बैंक की एटीएम मशीन से रुपये निकाल रहा था। उसी दौरान मशीन के पास में खड़ा युवक भी रुपये निकाल रहा था। लेकिन रुपये नहीं निकले। उसने जब अपना गुप्त नंबर डालकर 20 हजार भरे। रुपये निकलने पर उक्त युवक बोला कि ये रुपये उसके निकले हैं और वह रुपये लेकर वहां से चला गया। पीड़ित ने जब अपना फोन चेक किया तो खाते से 20 हजार रुपये निकलने का मैसेज आया, इस पर उसे ठगी का अहसास हुआ।
मामला नंबर : 9
गांव मर्रोली निवासी अतर सिंह ने होडल थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है कि उसका खाता होडल स्थित एसबीआई बैंक की शाखा में है। 21 दिसंबर 2020 को पीड़ित के खाते से तीन बार में एटीएम कार्ड के जरिए 30 हजार 70 रुपये निकल गए। जबकि एटीएम कार्ड उसके पास रहता है।
अंकुश लगाने के किए जा रहे हर संभव प्रयास
जिला पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत का कहना है कि इस तरह के मामलों की शिकायत मिलते ही तुरंत मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है, फिर भी लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। पुलिस द्वारा ऐसे अपराधियों पर अंकुश लगाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ आरोपियों को पहले गिरफ्तार भी किया जा चुका है। जल्द ही ऐसे अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा।