वायरल, मलेरिया और डेंगू का जोर बढ़ने से लोग दहशत में हैं। सरकारी अस्पतालाें में इस रोग की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग निजी अस्पतालों की ओर भाग रहे हैं। तावड़ू के मंडारका व चीला में दो रोगियों की पुष्टि हुई है। इसी तरह 13 रोगी मलेरिया के पाजिटिव पाए गए हैं।
गांव चीला के हफीज की पत्नी फरमीन और मंडारका के सुभाषचंद के बेटे ज्ञान प्रकाश पुत्र सुभाषचंद को डेंगू होने पर दिल्ली सफदरजंग अस्पताल ले जाना पड़ा। पहले उसके परिवार वाले पास के पीएचसी में ले गए थे, पर डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए।
स्वास्थ्य विभाग ने इनके डेंगू पीड़ित होने की पुष्टि की है। डेंगू और मलेरिया के पैर पसारने पर स्थानीय विधायक धर्मबीर सिंह ने भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लोगों से साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की है।
ओपीडी 100 की हुई
तावड़ू पीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. जावेद खां ने कहा कि वायरल बढ़ने के कारण उनके यहां रोजाना करीब सौ मरीजों की ओपीडी हो रही है। उनके यहां आने वाले मलेरिया के 13 रोगियों में दो अतिसंवेदनशील पाए गए।
आंकड़े बताते हैं
निजी चिकित्सकों से इलाज कराने वालों में 47 वर्षीय सतबीर पुत्र अमर सिंह निवासी कलवाड़ी थाना तावड़ू, रूखसार (17 वर्ष) पुत्री खुर्शीद निवासी गांव शिकारपुर, सद्दाम (40 वर्ष) गांव मंडारका, प्रेम (20 वर्ष) पुत्र हेतराम निवासी गांव गुढा, फरमीना, जमीला, सद्दाम व उर्मिल
मौत की पुष्टि की
प्रवर चिकित्सा अधिकारी डा. बालकिशन राजौरा ने माना कि फिरोजपुर झिरका में डेंगू से एक की मौत हो गई हैं। उसके बाद से उनकी टीमें प्रभावित गांवों में खून के नमूने ले रही हैं।