पलवल। लगातार ठंड बढ़ने से जिले में बुखार, खांसी, जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। अस्पतालों में बुखार, जुकाम के मरीजों की सुबह से ही लाइन लगनी शुरू हो जाती है। अकेले जिला नागरिक अस्पताल में ही प्रतिदिन 600 से अधिक मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। जबकि निजी अस्पतालों में तो और भी बुरा हाल है। ऐसा कोई पलवल में निजी अस्पताल नहीं है, जहां मरीजों की भीड़ न हो।
ऐसे में डॉक्टर मरीजों को ठंड से बचाव करने खासकर बच्चों व बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। अस्पतालों में आने वाले मरीजों में सर्वाधिक बच्चे व बुजुर्ग आ रहे हैं। मंगलवार को पलवल जिला नागरिक अस्पताल में जहां 600 के करीब बुखार, खांसी व जुकाम के मरीज ओपीडी में पहुंचे, वहीं होडल में 565 मरीज तथा हथीन में भी 400 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचे।
सांस के मरीज भी आ रहे हैं अस्पतालों में
सरकारी अस्पतालों में सांस के मरीज भी काफी आ रहे हैं। डॉक्टरों का मानना है कि ठंड से बचने के लिए अंगीठी व लकड़ियों के द्वारा जलाए जा रहे अलाव से भी सांस की बीमारी मरीजों में बढ़ रही है। साथ ही ठंड में कोहरा भी सांस की समस्या बना रहा है। ऐसे में जिन लोगों को सांस की समस्या है, उन्हें बचकर रहना चाहिए।
कैसे करें बचाव
धूप निकलने पर ही घर से बाहर निकले। जरूरत पड़ने पर बाहर निकलते समय पूरे तथा गर्म कपड़े पहने तथा ठंडी वस्तुओं के सेवन से बचें। बीच-बीच में गर्म पानी का सेवन करें। ज्यादा देर तक अलाव के सामने न बैठें। बुखार व जुकाम होने पर तुरंत चिकित्सक से जांच कराएं तथा चिकित्सक की सलाह पर ही दवा लें।
इस समय जो ठंड है, वह बुजुर्गों व बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है। ठंड में बुजुर्गों के हाथ-पांव अकड़ जाते हैं। बुजुर्गों को घर के अंदर ही रखें तथा गर्म कपड़े पहनाकर रखें। गर्म पानी पिलाएं तथा लौंग, इलाचयी, तुलसी, काली मिर्च का काढ़ा बनाकर समय-समय पर पिलाते रहें। ठंड चीजों को खाने के लिए न दें।
-डॉ. धर्म प्रकाश आर्य आयुर्वेदिक चिकित्सक
ठंड बढ़ने से अस्पताल में बुखार व जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में ओपीडी में चिकित्सक पूरा समय देकर मरीजों की जांच कर रहे हैं। उन्हें दवाइयां भी दी जा रही हैं तथा ठंड से बचाव रखने की सलाह दी जा रही है। साथ ही कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनने की सलाह भी दी जा रही है।
-डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन