फोटो:- चीला पहाड़ में अवैध खनन के दौरान एक ट्रैक्टर ट्रॉली।
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। सदर थाना क्षेत्र में एक बार फिर अवैध खनन की गतिविधियां तेज होने की खबरें सामने आ रहीं हैं। कई गांवों में अरावली पहाड़ियों से अवैध रूप से पत्थर निकालने का काम जारी होने के आरोप लग रहे हैं। लोगों मामले में सदर थाना पुलिस पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है।
शनिवार को गांव चीला में पुलिस और कुछ ग्रामीणों ने दावा किया कि पहाड़ों तक जाने वाले रास्तों को जेसीबी मशीन से खुदवाकर बंद कर दिया गया है, हालांकि इसके दो-तीन दिन बाद ही अवैध खनन के नए वीडियो सामने आ गए। वीडियो में ट्रैक्टर अरावली क्षेत्र में खनन करते हुए दिखाई दे रहा है, जबकि अन्य ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पत्थर भरकर रात के अंधेरे में गुजरती नजर आ रहीं हैं।
डीएसपी की कर दी गई थी हत्या
ग्रामीणों के अनुसार, अवैध खनन मुख्य रूप से गांव पचगांवां, चीला और छारोडा गांव में किया जा रहा है। खनन माफिया पत्थरों को फार्म हाउसों और निर्माण कार्यों में सप्लाई कर रहे हैं। पचगांवां व चीला गांव का यह वही क्षेत्र है, जहां 2022 में अवैध खनन रोकने पहुंचे डीएसपी पर खनन माफियाओं ने डंपर चढ़ाकर उनकी हत्या कर दी थी। उस घटना के बाद तावडू में अवैध खनन पर काफी हद तक रोक लग गई थी।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने आज तक वन विभाग और खनन विभाग की टीमों को पहाड़ों की प्रभावी निगरानी करते नहीं देखा। इस मामले में खनन विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
वहीं, वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनकी टीमें अरावली क्षेत्र की सुरक्षा और निगरानी के लिए लगातार सक्रिय रहती हैं। दूसरी ओर नूंह जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने पुलिस पर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी संबंधित विभागों के सहयोग से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी पुलिस अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है तो जांच के आधार पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।