सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश व एडीजीपी वाई पूरण कुमार के साथ हुई थी जातिगत प्रताड़ना
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं दलित वर्ग कल्याण समिति के अध्यक्ष उदयभान ने कहा है कि एडीजीपी वाई पूरन कुमार के साथ जातिगत तौर पर हुई प्रताड़ना और अन्य घटनाओं के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीजीपी शत्रुजीत कपूर और एसपी नरेंद्र बिजारणिया मामले में लिप्त हैं और इन अधिकारियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए। यदि सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो समाज के लोग बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
उदयभान ने शुक्रवार को दलित वर्ग कल्याण समिति की बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि एडीजीपी वाई पूरन कुमार के साथ ज्यादती की गई। इसके लिए उन्होंने मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री सहित अन्य अधिकारियों को पत्र लिखे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इतने उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों का यह हाल है तो आम जनता की सुरक्षा की कल्पना करना मुश्किल है।
उन्होंने यह भी कहा कि न्यायपालिका में दलित समाज की हिस्सेदारी नगण्य है और उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में दलित जजों की संख्या बहुत कम है। उदयभान ने आरोप लगाया कि एडीजीपी वाई पूरन कुमार ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उनकी हत्या की गई है और मामले की गहन जांच होनी चाहिए। बैठक में देवेश कुमार, बाबू खेमचंद समेत दलित वर्ग कल्याण समिति के पदाधिकारी और आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।