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सरकार ने पहल नहीं की तो खुद बना लिया दौड़ने के लिए ट्रैक

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केजीपी के पास पार्क में दौड़ते युवा। - फोटो : Palwal
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सरकार ने पहल नहीं की तो खुद बना लिया दौड़ने के लिए ट्रैक
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पलवल (प्रवीण बैंसला)। जिले के गांवों में सरकार द्वारा दौड़ लगाने के लिए ट्रैक बनाए जाने की योजना पिछले लंबे समय से अटकी हुई है। ट्रैक न होने के कारण सड़कों पर दौड़ लगाने वाले युवाओं के साथ अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित गांव बहरौला के युवाओं ने खुद ट्रैक तैयार किया है। युवाओं ने केएमपी-केजीपी इंटरचेंज के वीरान पड़े पार्क में ट्रैक बनाया है। यहां सैकड़ों युवा पुलिस और सेना भर्ती की तैयारी करते हैं। युवाओं का कहना है कि केएमपी-केजीपी इंटरचेंज के पास ऐसे करीब आठ पार्क हैं, यदि सरकार इन पार्कों में ट्रैक विकसित कर दे तो युवाओं को सड़कों पर जान नहीं गंवानी पड़ेगी।
गांव बहरौला में खिलाड़ियों के लिए कोई खेल स्टेडियम नहीं है। यही हाल ज्यादातर गांवों का है। पलवल में 5 खेल स्टेडियम हैं, उनकी भी हालत खस्ता है। इसके अलावा गांव घुघेरा में जिला स्तरीय खेल स्टेडियम का काम चल रहा है। पलवल के नेताजी सुभाष चंद्र बोस खेल स्टेडियम में भी ट्रैक नहीं है। ऐसे में जिले के ग्रामीण क्षेत्र के युवा सड़कों पर दौड़ लगाकर अभ्यास करते हैं। सड़कों पर दौड़ लगाने से युवा वाहनों की चपेट में आकर दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं। कुछ की जान भी जा चुकी है। दुर्घटनाओं को देखते हुए सरकार ने गांवों में ट्रैक बनवाने की घोषणा की थी, परंतु आज तक इन पर काम तक शुरू नहीं किया गया है।
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बहरौला निवासी युवक सोनू, चमन, अनिल, देवेंद्र, राहुल, पवन, योगेश आदि ने बताया कि गांव में सेना में भर्ती होने के लिए युवाओं में काफी उत्साह रहता है। ऐसे में उन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग पर दौड़ लगाकर तैयारी करनी पड़ती थी। पिछले कई सालों से केएमपी इंटरचेंज में पार्कों के लिए छोड़ी जगह व्यर्थ पड़ी थी। उन्होंने पार्क वाली जगह में मिट्टी को समतल कर दौड़ लगाने के लिए ट्रैक बना लिया। इसकी लंबाई 380 मीटर है। गांव सहित आस पास के युवा रोजाना यहां आकर अभ्यास करते हैं। (संवाद)
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