संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। संयुक्त किसान मोर्चा पलवल ने शनिवार को धान, बाजरा, कपास की सरकारी खरीद शुरू न होने का विरोध जताया। स्थानीय जाट धर्मशाला में आयोजित बैठक में किसानों ने फसल खरीद व अन्य मुद्दों को लेकर चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता किसान नेता सोहन पाल चौहान ने की, जबकि संचालन मास्टर महेंद्र चौहान ने किया। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि 30 सितंबर से सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई तो एक अक्तूबर को पलवल जिला के किसान उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।
बैठक में किसान नेता मास्टर महेंद्र चौहान व धर्मचंद घुघेरा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने घोषणा की थी कि 23 सितंबर से धान, बाजरा व कपास की सरकारी खरीद शुरू कर दी जाएगी, परंतु सरकार की घोषणा के बावजूद आज तक पलवल की किसी भी मंडी में सरकार द्वारा फसल का एक दाना भी नहीं खरीदा गया है, जबकि अन्य कई जिलों में सरकारी खरीद की जा रही है। पलवल जिला के किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों में बेचनी पड़ रही है। किसान नेताओं ने कहा कि पलवल जिला के अंदर काफी गांवों में सेम की बहुत भारी समस्या है, जिस कारण खरीफ की फसल नष्ट हो गई। ऐसे में रबी फसल की बिजाई की संभावना भी बहुत कम है। पिछले वर्ष भी इसी प्रकार की समस्या थी, परंतु सरकार की तरफ से प्रभावित किसानों को कोई मुआवजा नहीं दिया। किसान मोर्चा पलवल सरकार और प्रशासन से मांग करता है कि इन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर कराया जाए। हर वर्ष होने वाली खाद की किल्लत को दूर किया जाए।
किसानों ने कहा कि यदि 30 सितंबर तक किसानों के समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो एक अक्तूबर के प्रदर्शन के बाद किसान मोर्चा कोई निर्णायक आंदोलन चलाएगा। बैठक में रूपराम तेवतिया, बीधू सिंह, ताराचंद प्रधान, समय राम कुंडू, भागीरथ बेनीवाल, मास्टर बलजीत सिंह शास्त्री, चंदन सिंह डराना, मास्टर पदम सिंह, शिव राम, शिशुपाल सिंह मुख्य रूप से मौजूद थे।