संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। जन सुविधाओं के विस्तार के लिए जो योजनाएं बनाई जाती हैं वे योजनाएं संबंधित विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के कारण परिणाम नहीं दे पाती हैं। इसी तरह की एक योजना है स्वच्छ पेयजल के लिए आरओ संयंत्र की स्थापना। जन स्वास्थ्य विभाग ने सात वर्ष पूर्व हथीन नगर के लोगों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय कुटी मंदिर के निकट आरओ संयंत्र स्थापित किया था। इस संयंत्र के माध्यम से पानी को ट्रीट करके पेयजल उपलब्ध कराने की योजना बनी, लेकिन आज तक लोगों को पानी उपलब्ध नहीं हुआ।
योजना के लिए विभाग ने प्लांट में बिजली कनेक्शन भी लिया हुआ है। योजना के तहत विभाग ने घोषणा की थी कि पांच रुपये में बीस लीटर पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए शहर के कई वार्डों में वाटर एटीएम भी लगाए गए। इसके अतिरिक्त ट्रीट किए गए स्वच्छ पेयजल के लिए मदर डेरी की तरह स्मार्ट कार्ड भी जारी करने की घोषणा की गई थी। इस योजना पर लाखों रुपये मेवात विकास बोर्ड के माध्यम से खर्च किए गए। इसके बावजूद शहर के लोगों का कहना है कि संयंत्र से एक दिन भी स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति नहीं की गई।
नगर पालिका की निवर्तमान वायस चेयरपर्सन दीप्ति शर्मा ने बताया कि प्लांट के बावजूद स्वच्छ पेयजल नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि मेवात विकास बोर्ड के माध्यम से 12 लाख रुपये खर्च किए गए थे। उन्होंने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों को शिकायत करके स्वच्छ पेयजल आपूर्ति शुरू करवाने की मांग की गई परंतु विभाग ने आजतक इस बारे में कोई कदम नहीं उठाया है। निवर्तमान पार्षद रविन कुमार ने कहा है कि लोगों को स्वच्छ पेयजल की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों को इस बारे में कदम उठाने चाहिए।
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इस संयंत्र को उनके कार्यभार संभालने से पूर्व स्थापित किया गया था। संयंत्र को चलाने की जिम्मेदारी एक निजी एजेंसी को दी गई थी। कई बार विभाग ने एजेंसी को नोटिस भी दिए हैं। इस बारे में विभागीय अधिकारियों को पत्र भी लिखा गया है। संयंत्र को चलाने की जिम्मेदारी जिस एजेंसी को दी गई वहां से संतोषजनक जवाब नहीं दे रही है। प्लांट को चलाने के उपाय किए जाएंगे।
- योगेंद्र, जूनियर इंजीनियर, जन स्वास्थ्य विभाग