वार्षिक पास भी 75 रुपये महंगा
इसके साथ ही सरकार ने निजी वाहन चालकों के लिए उपलब्ध 3000 रुपये का वार्षिक पास, जिसमें 200 ट्रिप होती है उसमें भी नए वित्त वर्ष से 75 रुपये बढ़ाने का फैसला लिया है। इस फैसले के लागू होते ही रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों, निजी वाहन चालकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को अधिक भुगतान करना होगा। सरकार की ओर से हर साल नए वित्त वर्ष के साथ टोल दरों की समीक्षा की जाती है, जिसके तहत इस बार भी शुल्क में वृद्धि की गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह बढ़ोतरी सड़क रखरखाव, मरम्मत और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।
इन पर पड़ेगा सीधा असर
टोल टैक्स बढ़ने का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना कामकाज या व्यापार के सिलसिले में नेशनल हाईवे का उपयोग करते हैं। खासकर छोटे व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोगों की लागत में वृद्धि होने की संभावना है। टोल टैक्स की बढोत्तरी का असर आम जनता पर भी पड़ सकता है।