खंड के गांव रूपडाका के राजकीय हाई स्कूल के अधिकांश छात्र राष्ट्रीय गान नहीं जानते। हालात यह हैं कि विद्यालय में पढ़ने वाले 600 छात्रों में से मात्र 25-30 छात्र ही राष्ट्रीय गान से परिचित हैं और जानते हैं।
गांव के सरपंच एवं सेना से रिटायर मोहम्मद हुसैन ने बताया कि गांव के विद्यालय में जो टीचर हैं वे शैक्षणिक गतिविधियों के बजाय अन्य प्रशासनिक कामों में ही व्यस्त रहते हैं। गांव के 600 छात्रों के लिए मात्र तीन अध्यापक हैं, जिनमें से एक टीचर गेस्ट टीचर है तथा एक टीचर के पास कार्यकारी मुख्याध्यापक का चार्ज है। इस कारण उसे भी प्रशासनिक कामों में ही लगा रहना पड़ता है।
600 बच्चों की शिक्षा के लिए मात्र एक रेगुलर टीचर है। स्टाफ के अभाव के चलते प्रतिदिन होने वाली प्रार्थना भी नहीं होती। इस कारण अधिकांश बच्चे राष्ट्रीय गान नहीं जानते। गांव के समाजसेवी जमील ने बताया कि पिछली सरकार के दौरान भी तथा वर्तमान सरकार के दौरान में भी कई बार सरकार को स्टकी कमी के बारे में सूचित किया जा चुका है, परंतु अभी तक इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया है।
गांव के मूल निवासी एवं अखिल भारतीय शहीदाने मेवात सभा के अध्यक्ष सरफुद्दीन मेवाती का कहना है कि जिस स्कूल के बच्चे राष्ट्रीय गान गाना नहीं जानते वहां पढ़ाई की क्या व्यवस्था होगी? उन्होंने मांग की है कि स्कूल में स्टाफ की पूर्ति जल्द से जल्द की जाए।