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Palwal News: कई दुकानों में चल रहे किशोरी नर्सिंग होम पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मारा छापा, केस

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नहीं मिले डॉक्टर के शैक्षणिक प्रमाण पत्र व दस्तावेज और गर्भपात कराने की किट एवं दवाइयों को बरामद कर किया सील
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संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। उपमंडल के गांव बीघावली स्थित किशोरी नर्सिंग होम पर जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार की रात छापा मारा। कार्रवाई के दौरान बिना किसी योग्यता के डिलीवरी करने वाली एक महिला मिली। गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली किट एवं 14 जन्म प्रमाण पत्र मिले। टीम ने कथित डॉक्टर को स्थानीय पुलिस को सौंप कर केस दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग की प्रवक्ता डॉक्टर सुषमा चौधरी ने बताया कि एक जून को जिला सिविल सर्जन जयभगवान जाटयान को अवैध नर्सिंग होम की गुप्त सूचना मिली। इस आधार पर छापामार निरीक्षण टीम गठित की गई। रात के आठ बजे टीम किशोरी नर्सिंग होम बीघावली पहुंची। टीम ने मौके पर पहुंचकर पाया कि नर्सिंग होम का मुख्य शटर बंद है। परिसर सुनसान दिखाई पड़ा, केवल एक स्कूटी बाहर खड़ी थी।
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निरीक्षण के दौरान कथित डॉक्टर राजरानी और कुछ महिलाएं नर्सिंग होम के बगल में बने बाथरूम में बंद पाई गईं। टीम के स्टाफ ने मुख्य शटर को खोलने के लिए आवाज लगाई। इसके बावजूद अंदर मौजूद लोगों ने दरवाजे नहीं खोले। कहासुनी के बाद
राजरानी ने बाथरूम का दरवाजा खोला और बाहर आई। टीम ने राजरानी से नर्सिंग होम को खोलने को कहा तो उसने खोलने से इनकार कर दिया। इसके बाद छापामार टीम ने जबरन दरवाजा खुलवाया।
नर्सिंग होम में मिली एक महिला मरीज, एक दिन पहले हुई थी डिलीवरी
अंदर टीम को एक महिला मरीज मिली, जिसकी एक दिन पहले डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी कराने वाली महिला के साथ उसके रिश्तेदार भी मिले। नर्सिंग होम के निरीक्षण के दौरान गर्भपात प्रक्रियाओं के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण, गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली किट बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान राजरानी ने दावा किया है कि वह डॉक्टर शहनाज के अधीन काम करती है और उन्होंने डॉक्टर शहनाज को बुलाने की बात कही। हालांकि डॉक्टर शहनाज ने आने से इंकार कर दिया। डिलीवरी कराने वाली महिला ने बयान दिया कि उसकी डिलीवरी अकेले ही राजरानी ने की है। उसको अन्य किसी ने डॉक्टर ने नही देखा। नर्सिंग होम के डिलीवरी रिकॉर्ड का निरीक्षण किया गया। टीम को उस दिन डिलीवरी होने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
एक दुकान में मिली गर्भपात की तीन एमटीपी किट
नर्सिंग होम के बगल में स्थित दुकान में लैब पाई गई, जिसकी चाबियां लेकर उसको खोला गया। दुकान खोलने पर टीम को गर्भपात की तीन एमटीपी किट मिलीं। साथ ही कुछ दवाइयां भी मिलीं। गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली सक्शन मशीन, 14 जन्म प्रमाण पत्र, अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट भी बरामद किए गए। यह भी पाया गया कि नर्सिंग होम आसपास की व्यावसायिक दुकानों में चल रहा था। इसमें से एक दुकान में डॉक्टर के केबिन के रूप में इस्तेमाल हो रही थी। दूसरी डिलीवरी रूम के रूप में एवं तीसरी दुकान का इस्तेमाल एमटीपी किट एवं अन्य दवाओं को स्टोर करने के लिए इस्तेमाल किया हुआ पाया गया। दुकानों के मालिक राजेश कुमार मौके पर पहुंचे। उनसे दुकानों के व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया। आसपास के क्षेत्र की तलाशी ली गई तो प्लेसेंटा के इस्तेमाल इंजेक्शन मिले व अन्य बायो मेडिकल सामान भी बरामद हुआ।
डॉक्टर के कोई मेडिकल शैक्षणिक प्रमाण पत्र व दस्तावेज नर्सिंग होम में नहीं मिले। नर्सिंग होम से बरामद सामान को सील कर दिया गया और पुलिस को सीसीटीवी की डीवीआर आदि भी पुलिस को सौंप दी गई है। इस संबंध में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट, मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, एमएमसी एवं भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत राजरानी एवं शहनाज के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। थाना प्रभारी हरिकिशन ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। छापामार टीम पूरी रात्रि नर्सिंग होम पर रही। सोमवार सुबह कई घंटे तक निरीक्षण का सिलसिला जारी रहा।

टीम को प्रभावित करने एवं दबाव बनाने का आरोप

हथीन। बीघावली स्थित किशोरी नर्सिंग होम पर छापा मारने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम को प्रभावित करने एवं कार्रवाई न करने के लिए सत्तारूढ़ दल के एक नेता ने प्रयास किया। इस बारे में जिला सिविल सर्जन जयभगवान जाटयान ने स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि संबंधित नेता ने उनके पास भी मैसेज भेजा था। इसके अलावा छापामार टीम में गए स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ को प्रभावित करने एवं दबाव बनाने का भी प्रयास किया। इस बारे में जिला उपायुक्त को भी सूचित किया गया है। इस संदर्भ में संबंधित नेता से जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से ऐसा कोई प्रयास नहीं किया गया है। सभी आरोप निराधार हैं। संवाद
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नर्सिंग होम में जन्मे नवजात की हुई मौत

हथीन। किशोरी नर्सिंग होम में हुई डिलीवरी के दौरान जन्मे नवजात बच्चे की मौत हो गई है। जिला सिविल सर्जन जयभगवान जाटयान ने बताया कि इस बारे में परिवारवालों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बताया है। मौत के क्या कारण थे। यह जांच का विषय है। जिला सिविल सर्जन जाटयान ने बताया कि अब चूंकि जांच हथीन पुलिस कर रही है। जांच के बाद ही निष्कर्ष निकल पाएगा। उन्होंने बताया कि नर्सिंग होम चलाने वाली राजरानी के पास मेडिकल प्रैक्टिस करने की कोई शैक्षणिक योग्यता नहीं मिली है। उसने स्वीकार भी कर लिया है कि उसने डिलीवरी की है।
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