संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों को लेकर बुधवार को जिला उपायुक्त डॉ. हरीश वशिष्ठ ने स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए बेहतर प्रबंध करने पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि बीमारियों के नियंत्रण के लिए सतर्कता के साथ-साथ लोगों का जागरूक होना बेहद जरूरी है।
सिविल सर्जन डॉ. जय भगवान जाटान ने बताया कि सिविल अस्पताल पलवल में डेंगू और मलेरिया की निशुल्क जांच उपलब्ध है। कोई भी बुखार का मरीज डेंगू और मलेरिया की जांच करा सकता है। बारिश के मौसम में मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर मच्छर के लार्वा की जांच कर रही हैं। टीमों ने अब तक 780 लोगों को मच्छरों का लार्वा मिलने पर नोटिस दिया है। जिला मलेरिया प्रभारी डॉ. मंजीत गौतम ने आमजन से सप्ताह में प्रत्येक रविवार को ड्राई डे मनाने की अपील की है। ड्राई डे के दिन अपने घरों में रखे कूलर और छतों पर रखी टंकियों तथा फ्रिज की साफ-सफाई करने का भी आह्वान किया है।
उन्होंने बताया कि हर महीने एक से 10 तारीख तक रैपिड फीवर सर्वे किया जाता है। जिले में अब तक 79453 लोगों के रक्त के नमूने लिए जा चुके हैं, जिनमें मलेरिया का एक, डेंगू के 10, चिकनगुनिया के तीन मामले सामने आए हैं। जिला में डेंगू के लार्वा की जांच के लिए अब तक 5,48,707 से ज्यादा घरों में लार्वा की जांच हो चुकी है। इसके साथ ही तालाब व गंदे नाले की साफ सफाई का कार्य नगर परिषद द्वारा कराया जा रहा है। जिले में डेंगू संभावित क्षेत्रों की सूची तैयार कर ली गई है। करीब 288 जोहड़ों में लार्वा को खाने वाली गंबुजिया मछली छोड़ी जा चुकी है। इस दौरान जिला उप सिविल सर्जन डॉ.रामेश्वरी और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी उपमा सहित अन्य मौजूद रहे।