हथीन नगर पालिका ने पलवल के कचरे को डालने के लिए हथीन में स्थान देने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। नगर पालिका की विशेष बैठक में सर्वसम्मति से भूमि नहीं देने का प्रस्ताव पास किया गया। साथ ही नगर पालिका द्वारा भूमि को पट्टे पर छोड़े जाने का प्रस्ताव पास करके मंजूरी के लिए डीसी को भेजा जा रहा है, ताकि आय स्रोत बढ़ सकें।
नगर पालिका के इस प्रस्ताव से पलवल की गंदगी को ठिकाने लगाना फिर से समस्या बन गया है। शहर से प्रतिदिन दो टन से अधिक गंदगी निकलती है, लेकिन इसे ठिकाने लगाने के लिए प्रशासन के पास कोई जगह नहीं है। पिछले दिनों तक गंदगी को गांव मेघपुर में डलवाया जा रहा था, लेकिन एनजीटी ने इस पर रोक लगा दी थी। जिला प्रशासन की तरफ से हथीन नगर पालिका को निर्देश दिए गए थे कि नपा की पूर्व क्षेत्र में पड़ने वाली 272 कनाल (लगभग 58 एकड़) भूमि को कचरा निष्पादन योजना के लिए मुहैया कराया जाए। ताकि इसमें पलवल, हथीन व होडल से निकलने वाला कचरा डाला जा सके। लेकिन शुक्रवार को चेयरमैन राजबीर की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी पार्षदों ने इसका विरोध किया।
पार्षदों का तर्क था कि यह भूमि कृषि योग्य है। कस्बे के नजदीक है, तथा नपा इसे पट्टे पर छोड़ती आई है, जो एकमात्र आय का स्रेात हैं। इसलिए भूमि को कचरा निष्पादन के लिए नहीं दिया जा सकता। इस तरह प्रशासन की तरफ से आए निर्देशों को नपा सदस्यों ने एक झटके में नकार दिया।
क्या है जमीन की स्थिति
जिस जमीन को जिला प्रशासन कचरा डालने के लिए लेना चाह रहा है वह जमीन पिछले दो साल से खाली पड़ी हैं। जिसके चलते प्रशासन ने इस स्थान को कचरा स्टोर करने के लिए अधिगृहीत करने की योजना बनाई थी, ताकि जिले के शहरों में सफाई व्यवस्था ठीक की जा सके। लेकिन पार्षदों का कहना है जमीन खाली पड़ी रहने से नपा को प्रति वर्ष लाखों रुपये का नुकसान हो रहा हैं। सदस्यों की बुलाई गई विशेष बैठक में इस जमीन को पट्टे पर छोड़ने का प्रस्ताव पारित किया गया, ताकि इससे नगर पालिका की आमदनी बढ़ सके।