पांच साल बाद भी नहीं बना हथीन बाईपास
सोमदेव आर्य
हथीन। मुख्यमंत्री मनोहर लाल परियोजनाओं की घोषणा तो खूब कर रहे हैं, लेकिन उन पर अमल नहीं हो पा रहा है। ऐसी ही एक घोषणा मुख्यमंत्री ने वर्ष 2015 में हथीन में बाईपास के निर्माण की थी। लेकिन, पांच साल बीतने के बावजूद भी नहीं बना है। वहीं, बाईपास के लिए अधिग्रहित जमीन का अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। इससे किसानों में रोष है और वह मुआवजा के लिए भटक रहे हैं। बाईपास का निर्माण न होने से हथीन उपमंडल के लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाईपास निर्माण का मुद्दा विधानसभा चुनावों में भी जोर-शोर से छाया रहा था, लेकिन निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो पाया। बाईपास के निर्माण से करीब दो लाख लोगों को फायदा मिलेगा। यह बाईपास हथीन-पलवल रोड स्थित गौंछी ड्रेन के पुल के पास से शुरू होकर हथीन-गहलब रोड को जोड़ता हुआ हथीन कोट एवं हथीन उटावड़ रोड को लिंक करेगा।
मुख्यमंत्री ने इस बार के बजट में बाईपास निर्माण के लिए राशि आवंटन की घोषणा की थी। इस कारण किसानों को भी मुआवजा मिलने की उम्मीद थी। ई-भूमि पोर्टल पर अधिग्रहण की जाने वाली भूमि के 94 फीसदी मालिक अपनी सहमति भी जता चुके हैं। वर्ष 2015 में लोकनिर्माण विभाग के तत्कालीन कार्यकारी अभियंता अशोक कुमार ने डीपीआर बनाकर राज्य मुख्यालय को भेज दी थी। बाईपास निर्माण में पहले 55 करोड़ के खर्च का अनुमान था, लेकिन अब 59 करोड़ का अनुमान लगाया जा रहा है। उस समय तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया था। बाईपास निर्माण के लिए 42 एकड़ भूमि अधिग्रहित होनी है। इस मामले में प्रदेश कांग्रेस के संगठन सचिव मोहम्मद इस्राइल खान का कहना है कि बीजेपी पिछले पांच वर्षों से लोगों को बाईपास को लेकर गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर आंदोलन करेगी।
77 लाख प्रति एकड़ की दर से मिलेगा मुआवजा
वर्ष 2016 में तत्कालीन जिला उपायुक्त मनीराम शर्मा मुआवजा की राशि पहले ही घोषित कर चुके हैं। इसके तहत हथीन शहर में 77 लाख प्रति एकड़ की दर से मुआवजा मिलेगा। वहीं, फिरोजपुर राजपूत के किसानों को 64 लाख और रीण्डका के किसानों को 51 लाख प्रति एकड़ की दर से मिलेगा। लोकनिर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता नरेंद्र यादव ने बताया कि विभाग ने निर्माण के लिए औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। अब केवल बजट का आवंटन होना है।
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मुआवजा आवंटित करने की मांग
जिन ग्रामों की भूमि का अधिग्रहण होना है, उनकी भूमि राजस्व विभाग ने रिजर्व में ले रखी है। इस कारण किसान भूमि का सदुपयोग नहीं कर सकते। किसान जयवीर सिंह आदि का कहना है कि यदि भूमि का अधिग्रहण ही करना है तो सभी औपचारिकताएं पूरी कर मुआवजे की राशि आवंटित की जाए। सरकार से मांग है कि इस बारे में अविलंब फैसला लिया जाए।
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शीघ्र ही बजट आवंटित कर निर्माण कार्य शुरू होगा
बाईपास का निर्माण अवश्य होगा। इस बारे में मुख्यमंत्री से वार्ता हो चुकी है। शीघ्र ही बजट आवंटित कर दिया जाएगा।
प्रवीण डागर, विधायक हथीन
कोरोना के कारण विलंब हुआ है। महामारी खत्म होते ही बजट आवंटित कर दिया जाएगा।
कृष्णपाल गुर्जर, सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री