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Palwal News: 26 निजी स्कूलों की मान्यता पर लटकी तलवार

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05श्चड्डद्यश्च4- स्कूल में पढ़ते बच्चे। - फाइल फोटो
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05श्चड्डद्यश्च5- अशोक कुमार बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी, पलवल
शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों की सूची जारी कर दोबारा स्थाई मान्यता लेने के दिए निर्देश
तीन माह में आवेदन नहीं किया तो स्कूलों पर होगी कार्रवाई, हजारों बच्चों का भविष्य अधर में
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी की लापरवाही के कारण जिले के 26 निजी स्कूलों की मान्यता पर तलवार लटक गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा जून 2018 के बाद जिला शिक्षा अधिकारी स्तर पर जारी की गई मान्यता को रद्द कर नए सिरे से स्थाई मान्यता लेने के लिए निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी किए गए ऐसे 26 स्कूलों की सूची भी भेजी गई है। निर्देशों में कहा गया है कि उक्त स्कूलों ने आगामी तीन माह में तय मानकों के आधार पर स्थाई मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया तो स्कूलों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
दरअसल, साल 2018 से पूर्व जिला उपायुक्त के नेतृत्व में गठित समिति निजी स्कूलों को मान्यता देती थी। 18 जून 2018 को विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को अपने स्तर पर अस्थाई मान्यता देने की शक्तियां दे दी। शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए पलवल की तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी ने बिना मानकों को पूरा किए स्कूलों को मान्यता देनी शुरू कर दी। विभिन्न जिलों से शिकायतें मिलने पर सरकार ने जिला शिक्षा अधिकारियों से ये शक्तियां छीन ली। शिक्षा निदेशालय द्वारा मान्यता दिए गए स्कूलों की जानकारी जुटाई तो काफी स्कूल मानकों पर खरे नहीं उतरे। इस अवसर पर निदेशालय ने इन स्कूलों की मान्यता रद्द करने का मन बनाया, परंतु स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के बारे सोचते हुए स्कूलों को स्थाई मान्यता लेने का मौका दिया गया है। साथ ही शक्तियों का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। निदेशालय द्वारा पलवल, सोनीपत व कैथल के जिला शिक्षा अधिकारियों को 36 स्कूलों की सूची जारी की गई है, जिनमें अकेले पलवल के 26 स्कूल शामिल हैं।
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इन स्कूलों को दोबारा मान्यता के लिए करना होगा आवेदन
शिक्षा निदेशालय द्वारा स्थाई मान्यता लेने के लिए जिन स्कूलों की सूची जारी की है, उनमें नंद दास पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल मंडकौला, विद्या भारती पब्लिक स्कूल शमशाबाद पलवल, बृज राज पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल भुलवाना, स्वामी विवेकानंद विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल पेलक, ट्रू फ्रेंड्स पब्लिक स्कूल बामनीखेड़ा, तक्षशिला पब्लिक स्कूल पलवल, गायत्री विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल आदर्श कॉलोनी पलवल, हरियाणा सीनियर सेकेंडरी स्कूल पलवल, मॉडर्न सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल पलवल, नव ज्योति पब्लिक स्कूल किशोरपुर, भारतीय विद्या निकेतन हाई स्कूल मंडकौला, शांति विद्या निकेतन स्कूल झाबर नगर पलवल, कान्हा बाल विद्या मंदिर हाई स्कूल बहीन, महावीर विद्या निकेतन बामनीखेड़ा, बाल विकास हाई स्कूल शमशाबाद, न्यू दीप पब्लिक स्कूल मोहन नगर पलवल, एमकेजी पब्लिक हाई स्कूल शमशाबाद, बाल विकास कॉन्वेंट स्कूल आमरू, आदर्श मेमोरियल पब्लिक हाई स्कूल अल्लीका, केएम मेमोरियल पब्लिक स्कूल दहलाका, ज्ञान सागर पब्लिक स्कूल मंडकौला, जय श्री बालाजी हाई स्कूल होडल, डीडी पब्लिक हाई स्कूल मंडनाका व नेशनल पब्लिक स्कूल चिरवाड़ी शामिल हैं।
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साल 2018 में तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा निजी स्कूल को मान्यता देने में अनियमितताएं बरती गईं। करीब डेढ़ माह के अंदर 26 स्कूलों को मान्यता दे दी गई। स्थाई मान्यता की शक्तियां न होने के बावजूद भी मान्यता दी गई। शिक्षा निदेशालय ने कार्रवाई करते हुए इन स्कूलों को तय मानकों के आधार पर दोबारा मान्यता लेने के निर्देश दिए हैं। संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को इन स्कूलों को सूचित करने के बारे में निर्देश दिए गए हैं। यदि तीन माह में स्थाई मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया गया तो स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। - अशोक कुमार बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी, पलवल
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