बैठक में प्रदेश महासचिव पारस शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित थे और इसकी अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान चंद्रप्रकाश ने की। बैठक में अतिथि अध्यापकों के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की गई।
प्रदेश महासचिव पारस शर्मा ने कहा कि अतिथि अध्यापक पिछले 41 दिनों से रोहतक में लगातार क्रमिक अनशन पर बैठे हुए हैं और फिर भी सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार अतिथि अध्यापकों की न सुनकर अपने लिए ही कुंआ खोद रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गुजरात के किसानों की ओर हमदर्दी दिखाते हुए कहती है कि गुजरात सरकार को किसानों के लिए कानून में बदलाव करने चाहिए, परंतु सरकार अपने राज्य में लगाए गए अतिथि अध्यापकों को नियमित करने में असमर्थ है।
पारस शर्मा ने कहा कि सरकार ने अगर अतिथि अध्यापकों की मांगें दो अक्तूबर तक नहीं मानीं तो वह स्वयं रोहतक में जाकर आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।
उन्होंने बताया कि दो अक्तूबर को रोहतक में अतिथि अध्यापकों की महारैली होगी, जिसमें हजारों की संख्या में अतिथि अध्यापक गांधी टोपी पहनकर गलियों से जुलूस निकालेंगे और उसके बाद आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।
इस मौके पर फतेहराम, नरेंद्र, सुधा, नरेश, रमेश, भूषण, अजीत, महेंद्र के अलावा अन्य अतिथि अध्यापक मौजूद थे।