हरियाणा सरकार की खेल नीति के अनुसार, सभी शिक्षा संस्थाओं में 8 से 19 वर्ष तक के बच्चों का टेस्ट स्कूल स्तर पर गठित कमेटी लेगी। कमेटी का मुखिया स्कूल का प्रधानाचार्या होगा।
यह जानकारी देते हुए जिला खेल अधिकारी सत्यप्रकाश राणा ने बताया कि स्कूल स्तर पर गठित कमेटी में प्रधानाचार्य के अलावा सदस्य के रूप में पीटीआई, गणित व विज्ञान के अध्यापक होंगे।
प्रथम चरण में 30 मीटर फ्लाइंग दौड़, स्पैंडिंग ब्रांड जंप व 6 गुणा 10 शटल दौड़ करवाई जाएगी। प्रथम चरण में 75 प्रतिशत अंक लेेने वाले खिलाड़ी ही दूसरे चरण के लिए चुने जाएंगे।
बच्चों का परिणाम खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से 30 अक्तूबर तक जिला खेल अधिकारी के कार्यालय में भिजवाना अनिवार्य होगा।
सभी सरकारी व निजी स्कूलों में 8 से 19 साल तक के लड़के व लड़कियों का टेस्ट लेना अनिवार्य कर दिया गया है। आदेशों का पालन न करने वाले स्कूल संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी।