दूषित पानी बगैर ट्रीट किए ग्रीनबेल्ट में छोड़ने को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने राज्य के मुख्य सचिव समेत कई सरकारी विभागों और ग्रेटर फरीदाबाद की 23 सोसायटियों को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई रखी गई है। एनजीटी ने ये कार्रवाई आरटीआई एक्टिविस्ट वरुण श्यौकंद द्वारा की गई शिकायत पर की है।
श्यौकंद ने शिकायत दर्ज की है कि ग्रेटर फरीदाबाद में बनी 23 सोसायटियां और सैनिक कॉलोनी में रहने वाले लोग जो पानी का उपयोग कर रहे हैं वह बगैर ट्रीट किए ही ग्रीन बेल्ट में डाला जा रहा है। इससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है।
बुधवार को एनजीटी ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य के मुख्य सचिव, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्रीय भूजल बोर्ड, निगमायुक्त, निदेशक शहरी स्थानीय निकाय समेत ग्रेटर फरीदाबाद की 23 सोसायटियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। श्यौकंद का कहना है कि पक्षकार बनाए गए विभागों और सोसायटियों को 15 दिन में जवाब देना है। मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी।