संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। बाजरे की सरकारी खरीद शुरू होने के बावजूद नूंह मंडी में अब तक एक दाना भी नहीं खरीदे जाने से किसानों को झटका लगा है। किसानों के अनुसार, उन्हें अपनी उपज निजी व्यापारियों को 2100 से 2250 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बेचनी पड़ रही है। वहीं, पंजीकृत किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर भरपाई देने की व्यवस्था बताई जा रही है।
किसानों का कहना है कि सरकारी खरीद नहीं होने से उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे उनकी आर्थिक परेशानी बढ़ रही है। किसानों ने मांग की है कि खरीद प्रक्रिया प्रभावी बनाकर पात्र किसानों को राहत दी जाए।
हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन के मैनेजर जमील अहमद ने बताया कि विभाग द्वारा तय मानकों पर बाजरे की ढेरियां खरी नहीं उतर रही हैं। इसी कारण नूंह मंडी में खरीद नहीं हुई है। अच्छी गुणवत्ता की ढेरी आने पर बाजरा खरीदा जाएगा।