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बुजुर्गों को मनाने बैंडबाजे और ढोल-नंगाड़े संग पहुंची बहुएं

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पलवल। मकर संक्रांति के अवसर पर बृहस्पतिवार को जिले में उत्सव सा माहौल रहा। प्राचीन काल से चली आ रही रूठने-मनाने की प्रथा गांवों में निभाई गई। बुजुर्गों को मनाने बहुएं बैंडबाजों के साथ उपहार लेकर पहुंचीं और पांव छूकर आशीर्वाद लिया।
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जिले के गांवों में मकर संक्रांति के अवसर पर रूठने वाले बुजुर्गों व रिश्तेदारों को घरों से दूर बैठाकर महिलाएं नाचती-गाती बैंडबाजों के साथ उन्हें मनाने पहुंचती हैं और मनाकर वापस घर लेकर आती हैं। यह प्रथा प्राचीन काल से चली आ रही है। बृहस्पतिवार को महिलाओं ने बुजुर्गों व रिश्तेदारों को मनाने के दौरान उपहार में कपड़े, जूते, शाल, दाल, चावल, गजक, मूंगफली व धनराशि दी।
मकर संक्रांति को ब्रज क्षेत्र के गांवों में संकरांत के नाम भी पुकारा जाता है। इस पर्व से एक सप्ताह पहले ही भाई बहनों के यहां संकरांत देने के लिए जाते हैं। वहां जाकर उन्हें पर्व पर घर आने का निमंत्रण देकर आते हैं। वहीं मकर संक्रांति से दो दिन पहले ही घर के बुजुर्ग या बड़ा रिश्तेदार घर वालों से रूठना शुरू कर देता है। संक्रांति वाले दिन वह दूर किसी चौपाल, मंदिर या कहीं और जाकर बैठ जाते हैं। जिन्हें घर की बहु व अन्य महिलाएं लोक गीत गाते हुए बैंडबाजों के साथ मनाने जाती हैं।
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इसके अलावा देवरों की जेब भरने का भी रिवाज निभाती हैं। महिलाएं देवरों की जेब में मूंगफली, रेवड़ी के अलावा पैसे भरकर उन्हें मनाती हैं।
महिलाओं ने लगाई झाडू
ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह महिलाओं ने अपने घरों से लेकर श्मशान तक झाडू़ लगाई। वहां अपने व सभी के परिवार के लिए सुख-समृद्धि की दुआ मांगी। वहां से वे गीत गाते हुए घरों तक वापस आईं और स्नान पूजन के बाद गाय को भोजन कराया।
जगह-जगह बांटा खिचड़ी का प्रसाद
इस अवसर पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा जगह-जगह खिचड़ी का प्रसाद बांटा गया। कहीं-कहीं पूरी सब्जी व हलवा वितरित किया गया। आगरा चौक पर जहां श्रीकृष्ण कृपा मंच द्वारा खिचड़ी प्रसाद बांटा गया, वहीं बस अड्डा चौक पर मार्केट एसोसिएशन द्वारा पूरी सब्जी व हलवा बांटा गया।
वर्जन-
मकर संक्रांति का पर्व प्राचीन काल से मनाया जा रहा है। इस दिन घर में उत्सव का माहौल रहता है। घरों में पकवान बनाए जाते हैं। चने का साग खाने का आज के दिन बेहद महत्व होता है। बुजुर्गों को मनाया जाता है व उपहार दिए जाते हैं। - प्रेमलता शर्मा, गांव मंडनाका
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